अंजोर.सममाचार। छत्तीसगढ़ के पहिचान देश के 'धान के कटोरा' रूप में हे। इहाँ के अर्थव्यवस्था अउ ग्रामीण जीवन के मजबूत आधार किसानी अउ किसानी-किसान आय। किसानी मन के समृद्धि ल प्रदेश के बिकास के आधार मानत हवय, अउ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अगुवाई म राज्य सरकार ह पाछू तीन बछर में किसानी क्षेत्र ल नवा दिसा दे बर केउ बड़का फइसला लिए हे। किसानी मन ल ओमन के ऊपरज के सही दाम दिलाए, आर्थिक मदद पहुँचाए, खेती किसानी ल आधूनिक बनाए अउ किसानी ब्यवस्था में पारदरसता लाए के कोसिस के बहुत बढ़िया असर दिखात हे। पाछू तीन बछर में लगभग 437 लाख मीट्रिक टन धान के खरीदी अउ किसानी मन ल 1.40 लाख करोड़ रुपिया ले ज्यादा के भुगतान होए हे, जेन ह प्रदेश के किसानी अर्थव्यवस्था में धान खरीदी के महातम ल बताथे।
किसानी मन के हित में मंत्रिपरिषद ह खरीफ बछर 2026-27 में 15 नवंबर ले धान खरीदी सुरू करे के फैसला लिए हे। ये बछर 27.50 लाख ले ज्यादा किसानी मन ले 3100 रुपिया प्रति क्विंटल के भाव ले जास्ती से जास्ती 21 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब ले धान खरीदे जाही। किसानी मन के सुभीता बर एग्रीस्टैक आईडी वाले पिछिले बछर के पंजीकृत किसानी मन ल फेर ले पंजीयन कराय ले छूट दे गे हे।
कृषक उन्नति योजना ले 35,904 करोड़ रुपिया ले ज्यादा के भुगतान
किसानी मन ल आर्थिक सहोरा दे बर चलाए जात कृषक उन्नति योजना के तहत खरीफ 2023 ले खरीफ 2025 तक लगभग 25.52 लाख किसानी मन ल 35,904.90 करोड़ रुपिया के भुगतान करे गे हे।


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