मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सेवा के प्रभावी क्रियान्वयन (बने संचालन) बर जिला कार्यालय कोंडागांव के सभाकक्ष म सनिच्चर के दिन एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन करे गिस। कार्यक्रम म कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना, जिला पंचायत सीईओ श्री अविनाश भोई, अपर कलेक्टर श्री चित्रकांत चाली ठाकुर समेत अलग-अलग विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी मन उपस्थित रहिन।
प्रशिक्षण के बेरा सुसासन अउ अभिसरण विभाग के सलाहकार श्री अशोक चौबे अउ प्रशिक्षक श्री पवन तिवारी ह बताइन के मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रणाली पांच प्रमुख स्तंभ म आधारित हे। एमा यूनिक टोकन नंबर के माध्यम ले सिकायत मन के ट्रैकिंग, समय म निराकरन बर एसएलए (SLA) आधारित व्यवस्था, समाधान के पाछू नागरिक मन ले संतुष्टि फीडबैक, पारदर्सिता अउ जवाबदेही ला बढ़ावा अउ एमआईएस (MIS) डैशबोर्ड के जरिया लगातार निगरानी सामिल हे। उमन बताइन के सीएम हेल्पलाइन कॉल सेंटर 24 घंटा चालू रहिही अउ नागरिक मन टोल फ्री नंबर 1076 के माध्यम ले अपन सिकायत दरज करा सकहीं अउ ओकर स्थिति के जानकारी घलो ले सकहीं। सिकायत दरज होय के बाद ओकर जानकारी सीधा मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचही।
सुसासन अउ अभिसरण विभाग डहर ले संचालित ये प्रणाली के उद्देस्य नागरिक मन ला सिकायत पंजीयन, साशकीय योजना अउ सेवा मन के जानकारी अउ समय म समाधान बर एकीकृत, सुलभ अउ बिस्वसनीय मंच उपलब्ध कराना ए। सिकायत मन के निराकरन के प्रयास सात दिन के भीतर करे जाही। मुख्यमंत्री अउ उंकर सचिवालय एकर नियमित मॉनिटरिंग करहीं, जेकर ले आम नागरिक मन ला तुरते राहत मिल सकय।
सीएम हेल्पलाइन ला एक केंद्रीकृत अउ तकनीक आधारित सिकायत निवारन प्रणाली के रूप म विकसित करे गे हे। नागरिक मन फोन, व्हाट्सएप, वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप अउ लिखित आवेदन के माध्यम ले सिकायत दरज करा सकहीं। हर सिकायत ला एक बिसेस (यूनिक) टोकन नंबर देय जाही, जेकर ले ओकर रियल-टाइम ट्रैकिंग संभव होही।
सिकायत मन के निराकरन बर चार स्तरीय व्यवस्था बनाए गे हे। एल-1 स्तर म ब्लॉक, एल-2 म जिला, एल-3 म संभाग या निदेशालय अउ एल-4 म सचिव या विभागाध्यक्ष स्तर म सिकायत मन के निराकरन करे जाही। तय समय-सीमा म समाधान नइ होय म सिकायत ह अपने-आप आघू के स्तर म भेज देय जाही। ये व्यवस्था ले प्रशासनिक जवाबदेही बाढ़ही अउ नागरिक मन ला अपन समस्या के समाधान बर बार-बार कार्यालय (आफिस) के चक्कर नइ लगाए ला पड़य।
ये बेरा एसडीएम श्री अजय उरांव समेत जम्मो जिला स्तरीय अधिकारी अउ विकासखण्ड स्तरीय अधिकारी मन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम ले प्रिसिक्छन कार्यक्रम ले जुड़िन।


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