रायपुर। राजधानी रायपुर म स्मार्ट मीटर के आतंक अब उपभोक्ता मन ऊपर भारी परत हावय। बिना कोनो पूर्व सूचना या मुनादी के, बिल नइ पटाय के सेती बिजली विभाग ह सीधा घर मन के लाइन काटत हे। नवा स्मार्ट मीटर के ये सिस्टम ह अइसन हे कि बिल जमा करे म तनिक भी देरी होय म, विभाग के कोनो कर्मचारी के जरूरत नइ परय, मीटर ह खुदे लाइन ल 'डिस्कनेक्ट' कर देथे।
मार्च म पहिली अनुभव: उपभोक्ता हलाकान
येसो मार्च के महीना म उपभोक्ता मन ल पहिली बार अइसन कड़ा अनुभव होइस। अचानक दिन के 12 बजत ही कई घर मन के बिजली गुल होगे। जब लोगन मन ह बिजली ऑफिस म पूछताछ करिन, त पता चलिस कि बिल जमा नइ होय के कारण सिस्टम ले लाइन कट गे हे।
काटे बर तुरते, जोड़े बर अगोरा
सबले बड़े समस्या ये हे कि लाइन काटे बर तो बिजली विभाग के सिस्टम 'सुपरफास्ट' हे, फेर बिल जमा करे के बाद लाइन चालू करे बर 'कछुआ' के चाल चलत हे। उपभोक्ता मन के कहना हे कि:
अपडेट म समे: बिल पटाय के बाद घलोक सर्वर अपडेट होय म घंटों लग जाथे।
अँधियार म गुजर: जब तक सिस्टम म पेमेंट अपडेट नइ होय, तब तक घर म अंजोर नइ होवय।
का नियम सिर्फ गरीब बर?
आम जनता म ये बात ल लेके भारी आक्रोश हे कि छत्तीसगढ़ जइसन 'पावर हब' राज्य म, जिहां ले पूरा देश ल बिजली मिलथे, वहां के जनता ल बिजली बर अतेक प्रताड़ित काबर करे जावत हे। उपभोक्ता मन ह सवाल उठाइन हे कि का ये स्मार्ट मीटर के कड़ाई सिर्फ गरीब अउ मध्यम वर्ग बर हे? का सरकारी दफ्तर अउ रसूखदार मन के बंगला म घलोक इही नियम ले लाइन काटे जाही?
"बिजली विभाग ल चाहिये कि लाइन काटे ले पहिली उपभोक्ता ल कम से कम एक चेतावनी मैसेज या फोन जरूर करे। अचानक लाइन काटना अमानवीय हे।" — पीड़ित उपभोक्ता


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