छत्तीसगढ़ म छातीम के पेड़ लगाए म रोक, अस्थमा के खतरा: मंत्री ओपी चौधरी

अंजोर
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​छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के 15वें दिन एक बड़े फैसला सुनाय गिस। पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ह सदन मा ये बात के ऐलान करिन कि अब हमर राज्य मा छातीम (सप्तपर्णी) के रुख (पेड़) ल नइ लगाय जाही। सरकार ह जनहित ल देखत हुए ये रुख के पौधारोपण ऊपर रोक लगाय के निर्णय ले हे।

​मंत्री महोदय ह बताइन कि छातीम के रुख ले मनखे मन के सेहत ऊपर बुरा असर परत हे। ये रुख के फूल ले जेकर गंध आथे, ओकर ले अस्थमा अउ सांस के बेमारी होय के खतरा बाढ़ जाथे। खासकर जे मन ल एलर्जी हे, ओमन बर ये रुख ह भारी दिक्कत पैदा करथे।

​एकर पहिली, सहर मन ल सुग्घर बनाय बर सड़क के कति-कति भारी संख्या मा छातीम के रुख लगाय गय रिहिस। फेर अब स्वास्थ्य संबंधी समस्या मन ल देखत हुए शासन ह तय करे हे कि नवा पौधारोपण मा एकर उपयोग झन करल जाय। मंत्री ह साफ कहिन कि सुरक्षा अउ स्वास्थ्य ले बढ़के कुछू नइ हे।

​सदन मा चर्चा के दौरान ये बात घलो निकलके आइस कि ये रुख ह हमर इहां के देसी प्रजाति नो हे, एला सजावट बर लगाय जाय रिहिस। फेर अब जब एकर नुकसान सामने आवत हे, त सरकार ह एला पूरी तहर ले प्रतिबंधित करे के रद्दा अपनाय हे। अब एकर जगह दूसर छायादार अउ फलदार रुख मन ल बढ़ावा दिये जाही।

​छत्तीसगढ़ सरकार के ये फैसला के हर कोती सराहना होवत हे, काबर कि ये सीधे मनखे मन के स्वास्थ्य ले जुड़े हे। पर्यावरण विभाग ह अब सबो जिला मन ल निर्देश जारी कर दीही ताकि छातीम के रुख लगाय के काम ल रोकल जा सके अउ भविष्य मा हमर छत्तीसगढ़ ह हरियर अउ निरोग रह सके।

छातीम (सप्तपर्णी) के वैज्ञानिक पक्ष

छातीम ल विज्ञान के भासा मा अल्स्टोनिया स्कॉलारिस (Alstonia scholaris) कहे जाथे। ये 'एपोसिनैसी' (Apocynaceae) परिवार के एक सदाबहार रुख आय। एला 'सप्तपर्णी' एकर बर कहे जाथे काबर कि एकर एक डारा मा सात ठन पत्ती मन चक्र के रूप मा जुरे रहिथें। एकर छाल अउ दूध ले कई ठन दवाई घलो बनथे, फेर सहर मन मा एकर अनियंत्रित बढ़ोत्तरी अब चिंता के बिषय बन गे हे।

स्वास्थ्य ऊपर असर के वैज्ञानिक कारण

छातीम के रुख मा अक्टूबर-नवंबर के महीना मा सफेद रंग के गुच्छा मा फूल फुलाथे। ये फूल मन ले एक भारी तेज गंध (Pungent smell) निकलथे। वैज्ञानिक मन के मुताबिक:

परागकण (Pollen Grains): एकर फूल के परागकण हवा मा मिलके 'एलर्जेन' के काम करथें, जेकर ले मनखे ल छींक, सर्दी अउ खांसी के शिकायत होथे।

वोलाटाइल ऑर्गेनिक कंपाउंड्स (VOCs): एकर गंध मा अइसन तत्व रहिथें जेकर ले हवा के गुणवत्ता प्रभावित होथे अउ अस्थमा के मरीज मन ल सांस ले मा तकलीफ होय लगथे।

छत्तीसगढ़ मा एकर प्रभाव अउ रोक

छत्तीसगढ़ के वातावरण गरम अउ नमी वाला हे, जेमा ये रुख ह जल्दी बढ़थे। पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ह सदन मा ये स्पष्ट करिन कि भले ये रुख हरियर दिखथे, फेर एकर ले होवइया ब्रोंकाइटिस अउ सांस के बेमारी ह मनखे मन बर घातक हे। एही वैज्ञानिक आधार ऊपर सरकार ह एला सहर के बगीचा अउ सड़क किनारे लगाय ले मना करे हे।


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