प्रश्न और अभ्यास
प्रश्न 1. तुम्हारे आसपास पाए जाने वाले पेड़ों के नाम व उससे संबंधित जानकारी निम्न तालिका में भरो—
| वृक्ष का नाम | ऊँचाई | उपयोगिता |
|---|---|---|
| नीम | मध्यम से ऊँचा | औषधीय गुण, कीटनाशक, और ठंडी हवा के लिए। |
| आम | ऊँचा और विशाल | मीठे फल, लकड़ी और पूजा-पाठ (पत्तों) के लिए। |
| पीपल | बहुत ऊँचा | सर्वाधिक ऑक्सीजन देने और छाया के लिए। |
| बरगद | बहुत ऊँचा और फैला हुआ | छाया, औषधि और पक्षियों के आश्रय के लिए। |
प्रश्न 2. पता करो कि हमारे यहाँ घी व गुड़ कैसे बनाया जाता है?
उत्तर: हमारे यहाँ घी और गुड़ बनाने की प्रक्रिया इस प्रकार है:
1. घी बनाना: सबसे पहले दूध को गर्म करके जमाया जाता है जिससे दही बनता है। दही को मथकर मक्खन निकाला जाता है। फिर उस मक्खन को आग पर तब तक पकाया जाता है जब तक कि वह पूरी तरह पिघल न जाए और उसमें से अवशेष (छाछ का अंश) अलग न हो जाए। अंत में पारदर्शी तरल को छान लिया जाता है, जिसे हम घी कहते हैं।
2. गुड़ बनाना: गुड़ गन्ने के रस से बनाया जाता है। सबसे पहले कोल्हू में गन्ने को पेरकर उसका रस निकाला जाता है। इस रस को बड़े-बड़े कड़ाहों में डालकर तेज आंच पर उबाला जाता है। उबलते समय इसकी गंदगी साफ की जाती है। जब रस गाढ़ा होकर जमने की स्थिति में आ जाता है, तब उसे ठंडा करके साँचों में या छोटी-छोटी भेली (ढेरियों) के रूप में जमा दिया जाता है। इस प्रकार गुड़ तैयार होता है।
प्रश्न 3. च्यूरा वृक्ष से गाँव वालों को क्या-क्या मिलता है?
उत्तर— च्यूरा वृक्ष से गाँव वालों को घी, गुड़ तथा शहद मिलता है। इसके अलावा इस वृक्ष से फल, औषधि, जानवरों के लिए चारा, ईंधन और कीड़ों व चूहों को मारने के लिए कीटनाशक भी मिलता है।
प्रश्न 4. च्यूरा वृक्ष छत्तीसगढ़ राज्य में क्यों नहीं पाया जाता है?
उत्तर— छत्तीसगढ़ का मौसम (जलवायु) च्यूरा वृक्षों के लिए अनुकूल नहीं है, अतः च्यूरा वृक्ष छत्तीसगढ़ राज्य में नहीं पाया जाता है।
प्रश्न 5. च्यूरा वृक्ष के बीज स्थानीय लोगों के लिए अत्यधिक उपयोगी है। यदि हाँ तो क्यों?
उत्तर— च्यूरा वृक्ष के बीज स्थानीय लोगों के लिए अत्यधिक उपयोगी है क्योंकि इस बीज से घी के समान तरल पदार्थ बनाते हैं जिसे 'च्यूरा घी' कहते हैं। स्थानीय लोग इसी घी में पूड़ी, हलवा एवं अन्य पकवान बनाते हैं, जो अत्यंत स्वादिष्ट और हानिरहित होते हैं।
प्रश्न 6. हमारे राज्य में विदेशों या अन्य राज्यों से बहुत सारी चीजें आती हैं किन्तु च्यूरा वृक्ष से बना गुड़ नहीं आता क्यों?
उत्तर— हमारे राज्य में विदेशों या अन्य राज्यों से बहुत सारी चीजें आती हैं किन्तु च्यूरा वृक्ष से बना गुड़ नहीं आता क्योंकि इसका जितना उत्पादन होता है, वह सब स्थानीय स्तर पर ही खप जाता है।
भाषा तत्व और व्याकरण
समझो -
च्युरा वृक्ष पुष्पित होते हैं। इनके फल मीठे तथा सुगंधित होते हैं। इन वाक्यों में 'पुष्पित' एवं 'सुगंधित' शब्दों को समझो। 'पुष्प' और 'सुगंध' मूल शब्दों में 'इत' जोड़कर 'पुष्पित' और 'सुगंधित' शब्द बने हैं।
प्रश्न 1. 'कथ', 'वर्ण' और 'लिख' के साथ 'इत' लगाकर एक-एक नया शब्द बनाओ।
उत्तर:
* कथ + इत = कथित
* वर्ण + इत = वर्णित
* लिख + इत = लिखित
प्रश्न 2. 'सु' जोड़कर कोई दो नए शब्द बनाओ, उनके अर्थ लिखो और वाक्यों में प्रयोग करो।
उत्तर:
* सु + गन्ध = सुगन्ध (खुशबू)
* वाक्य: मोंगरे के फूल की सुगन्ध बहुत ही अच्छी होती है।
* सु + कर्म = सुकर्म (अच्छे कर्म)
* वाक्य: दान देना सुकर्म कार्य है।
प्रश्न 3. 'रहित' और 'सहित' जोड़कर दो-दो नए शब्द बनाओ और उनका अपने वाक्यों में प्रयोग करो।
('सहित' का अर्थ है 'के साथ' और 'रहित' का अर्थ है 'के बिना')
उत्तर:
(अ) 'रहित' शब्द:
* दम्भरहित: सज्जनों का जीवन दम्भरहित होता है।
* प्रदूषणरहित: इस शहर का कोई ऐसा कोना नहीं है, जो प्रदूषणरहित हो।
(ब) 'सहित' शब्द:
* वस्त्रसहित: वह रामू को भोजन और वस्त्रसहित तीन हजार रुपये प्रत्येक माह देता है।
* कर्जसहित: पचास हजार कर्जसहित उसे पैतृक सम्पत्ति के रूप में दो एकड़ जमीन प्राप्त हुई।
प्रश्न 4. तीन ऐसे वाक्य लिखो जिनमें अलग-अलग व्यक्तिवाचक, जातिवाचक और भाववाचक संज्ञा शब्दों का प्रयोग हुआ हो।
उत्तर:
* उसका नाम राम है। (व्यक्तिवाचक)
* गायें खेतों में चर रही थीं। (जातिवाचक)
* सज्जनता मनुष्य का आभूषण है। (भाववाचक)
प्रश्न 5. किन्हीं दो शब्दों को उनके रूप न बदलते हुए, एकवचन और बहुवचन में दो-दो वाक्यों में प्रयोग करो।
(उत्तर संकेत: छात्र और फूल ऐसे शब्द हैं जिनका रूप वाक्य की क्रिया के आधार पर बदलता है)
* (अ) 1. छात्र पुस्तक पढ़ता है। (एकवचन)
2. छात्र विद्यालय जाते हैं। (बहुवचन)
* (ब) 1. फूल खिलता है। (एकवचन)
2. फूल खिलते हैं। (बहुवचन)
प्रश्न 6. नीचे लिखी अधूरी कहानी को दो-तीन बार ध्यान से पढ़ो और प्रत्येक खाली स्थान पर उपयुक्त शब्द भरो।
एक चिड़िया को कहीं से एक मोती मिला। चिड़िया ने उसे अपनी नाक में महन लिया। फिर वह राजा के महल पर जा बैठी और गाना गाने लगी "राजा से बड़ी, मेरी नाक में मोती।" यह सुनकर राजा को बहुत गुस्सा आया। उसने अपने आदमियों से कहा, "चिड़िया से मोती छीन लाओ।" उन्होंने जाकर झट पट चिड़िया का मोती छीन लिया। अब चिड़िया पहले वाला गाना छोड़कर दूसरा गाना गाने लगी, — "राजा भिखारी, मेरा मोती छीन लिया।"
यह गीत सुनकर राजा बहुत शरमाया। उसने चिड़िया का मोती लौटा दिया। मोती मिलने पर चिड़िया ने एक और नया गाना शुरू किया, "राजा तो डर गया, उसने मोती दे दिया।" यह गीत सुनकर राजा गुस्से से लाल हो गया। उसने कहा, 'पकड़ लो इस बदमाश चिड़िया को।' उसके आदमी चिड़िया को पकड़ने के लिए दौड़े मगर चिड़िया फुर्र से उड़ गई। राजा हाथ मलते रह गया।
उत्तर (संकेत): महन, पर, देखो, मोती, आया, से, पट, चिड़िया।

सबो पाठक ल जोहार..,
हमर बेवसाइट म ठेठ छत्तीसगढ़ी के बजाए रइपुरिहा भासा के उपयोग करे हाबन, जेकर ल आन मन तको हमर भाखा ल आसानी ले समझ सके...
छत्तीसगढ़ी म समाचार परोसे के ये उदीम कइसे लागिस, अपन बिचार जरूर लिखव।
महतारी भाखा के सम्मान म- पढ़बो, लिखबो, बोलबो अउ बगराबोन छत्तीसगढ़ी।