अंजोर.रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य म अखाड़ा के संरक्षण अउ संवर्धन के संग ही पहलवान के प्रतिभा के निखारे के खातिर बजरंगबली अखाड़ा प्रोत्साहन योजना सुरू के जाही। येकर संग ही राजधानी रायपुर म राज्य स्तरीय कुश्ती अकादमी खुलही जेकर माध्यम ले ए क्षेत्र के प्रतिभा के तइयार करिन जाही। राज्य म कुश्ती के प्रोत्साहन दे के खातिर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ह ये दू बड़े घोसना नागपंचमी परब के मउका म करिस।
येकर पहिली मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राज्य म मल्लखांब जइसे पारंपरिक खेल के प्रोत्साहित करे के खातिर तको अकादमी के घोसना करके चुके हावयं।
बजरंगबली अखाड़ा प्रोत्साहन योजना के पाछु मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के उद्देश्य छत्तीसगढ़ म कुश्ती जइसे पारंपरिक खेल के सुंदर वातावरण फेर तइयार करे हावय। संग ही हमर प्रदेस के कुश्ती के प्रतिभा के राष्ट्रीय अउ अंतरराष्ट्रीय मंच म लाना हावय।
येकर संग ही राजधानी रायपुर म राज्य स्तरीय कुश्ती अकादमी तको सुरू के जाही। ए आकदमी के माध्यम ले कुश्ती के प्रतिभा के निखारे के प्रयास करही। भारत म अउ छत्तीसगढ़ म तको कुश्ती के बड़े समृद्ध अपरंपरा रेहे हावय। धोबी पछाड़, धाक, झोली जइसे दांवपेच अखाड़ों ले निकलके हमर जुबान म तको पहुंच गे हावयं। येकर ले पता चलत हावय के कुश्ती के खेल हमर परंपरा के कतका गहरा हिस्सा रिहिन हावय ए परंपरा के फेर सहेजने के खातिर ये दू बड़े घोसना मुख्यमंत्री ह के हावय।


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