जानबा होही के पाछु दिन रायपुर के तिर कोलर गांव म पारले बिस्किट फैक्ट्री मालिक के अतियाचार के खिलाफ हजारों गांव वाले मन जबर आंदोलन करे रिहिस। तिर-तखार के केऊ गांव के लोगन मन अपन मजदूर भाई-बहिनी मनके हक बर आंदोलन म सामिल होए रिहिन जेमा छत्तीसगढि़या मनके अधिकार बर लड़ईया गैर राजनीतिक संगठन छत्तीसगढि़या क्रांति सेना के सेनानी भाई के जबर योगदान रिहिस।
एजेंसी ले मिले आरो के मुताबिक बिस्किट फैक्ट्री मालिक गांव के सिरिफ महिला मनला नौकरी म राखय अउ पुरुष मजदूर बिहार, उत्तरप्रदेश, ओडिशा जइसे आन राज ले लाने। उहां आन राज ले आये मनखे मन हमर प्रदेश के मजदूर मन संग बने बेवहार नइ करत रिहिस। अऊ मजदूर मनके छटनी म छत्तीसगढि़या मनला निकाले जात रिहिस। मजदूर मन गांव ले ब्लॉग अउ जिला तक तको शिकायत करिन। फेर न तो कोना नेता साथ दीस अउ न ही पुलिस प्रशासन। अइसन बखत छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के सेनानी मन उनला मदद करिन। उंकर स्वाभिमान बर लडि़स, हक बर जबर गोहार करिन।
संगठन के प्रदेश अध्य़क्ष श्री बघेल किथे के कोलर के पारलेजी बिसकुट कंपनी म छत्तीसगढ़िया बहिनी माई मन उपर अत्याचार ल देख के, स्थानीय मजदूर के होवत छटनी ल सुनके क्रान्ति सेना के हजारों वीरनारायण उहां पहुंच के अनचिन्हार मजदूर भाई-बहिनी मन बर एक सफल आंदोलन करीन। कलेक्टर, पुलिस कप्तान, प्रबंधन अउ मजदूर मन के बीच त्रिपक्षीय वैधानिक समझौता भी होगे, तीनो पक्ष संतुष्ट भी होगे। लेकिन एक सफल मजदूर आंदोलन ह वर्तमान सरकार के आंखी म गड़े ले धर लीस। छत्तीसगढ़िया मन के ईज्जत, रोजी-रोजगार के लड़ाई के जीत ह एमन ल हजम नी होईस। परदेसिया कंपनी सेठ के हिमाकत नहीं होईस त खुद अंधवा सरकार ह अभनपुर थाना म खड़ा होके अपने गरीब मजदूर जनता के खिलाफ बड़का-बड़का धारा लगाके दमन नीति अपनाईस।


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