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किसान मनला फसल के सुरक्षा खातिर मौसमी सलाह : कीरा अउ बीमारी ले रोकथाम के उपाय


अंजोर.रायपुर,07। प्रदेश म धान के फसल लगभग तइयार होगे हावय। कतकोन ह पोटराये ल धरे हावय त कोनकोन म बाली छटकत हावय। अइसन बखत के कीरा अउ बीमारी ह किसान मनला सबले जादा नुकसान पहुंचाथे। ये मउका म समाचार एजेंसी ल कृषि विभाग ले मिले आरो के मुताबिक‍ जेन धान पोटरावत हाबे ओमा नत्रजन के तिसरइया पइत छिड़काव करे जाकथे अउ ये मउका म खेत म पानी बरोबर होना चाहिए किसान भाई मन के अपन खेत म 5 से.मी. पानी भरके रखें राहय। 

कृषि वैज्ञानिक सलाह हावय के धान फसल म पीला तना छेदक कीरा दिखे म पाना न निकल लेवय अउ फिपरोनिल 5 एस.सी. एक लीटर प्रति हेक्टेयर के दर ले छिड़काव करय। अइसने माहूं कीरा के प्रकोप शुरू होए म ब्युपरोफेजिन 800 मि.ली. प्रति हेक्टेयर के दर से छिड़काव करें। अऊ 15 दिन बाद अगर कीट के प्रकोप बढ़त दिखे तव डाइनेटोफ्युरान 200 ग्रा.प्रति हेक्टेयर के दर ले 500 लीटर पानी म घोल बनाके अपरान्ह काल म फसल के आधोरीय भाग म छिडकाव करें। किसान भाई मन अपन खेत के निगरानी करते राहय अउ मौसम साफ रेहे म ही कीटनाशक दवाई के छिड़काव करें। धान म पेनिकल माईट के प्रकोप दिखे म येकर निदान खातिर प्रोपिकोनाजोल 2 मि.ली. प्रोफेनोफास 2 मि.ली.प्रति लीटर पानी म घोलके 500 लीटर घोल प्रति हेक्टेयर के दर ले छिड़काव करना चाहि।

कृषि विभाग के अधिकारी मन सलाह दे हावय के धान के फसल म रोग के प्रारंभिक अवस्था म निचली पत्ती म हल्का बैगनी रंग के धब्बा पड़े,  जोन धीरे-धीरे बढ़के आंख/नाव के सामान बीच म चौड़े अउ किनार म सकरे हो जाथे तव येकर नियंत्रण खातिर टेबूकोनाजोल 750 मि.ली.प्रति हेक्टेयर 500 लीटर पानी म घोल बनाके छिड़काव करें। अवइया दिन म गिरे म झुलसा रोग के प्रकोप होए तको संभावना हो सकत हाबे किसान भाई मन चेत कर रहू अऊ सरलग अपन-अपन को‍ति कृषि वैज्ञानिक मनके सलाह म रोग के निदान करावत रइहा।

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