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उद्यानिकी शिक्षा अउ अनुसंधान म जबर भूमिका निभाही महात्मा गांधी उद्यानिकी, वानिकी विश्वविद्यालय : मुख्यमंत्री श्री बघेल


अंजोर.रायपुर,2। मुख्यमंत्री के भूपेश बघेल ह आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 151 वीं जयंती के मउका म दुर्ग जिला के पाटन तहसील के ग्राम सांकरा म राज्य के प्रथम उद्यानिकी अउ वानिकी विश्वविद्यालय के आधारशिला रखे गिस। 55 करोड़ रूपिया के के लागत ले बनने वाला ये विश्वविद्यालय के नामकरण महात्मा गांधी के नाम म करे गे हावय। ये मउका म प्रदेश के मुखिया ह किहिन के विश्वविद्यालय राज्य म उद्यानिकी के उच्च शिक्षा, अनुसंधान अउ विकास के क्षेत्र म अग्रणी भूमिका निभाही। 

कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. एम गीता कोति ले मिले आरो के मुताबिक छत्तीसगढ़ राज्य के जलवायु विविधता के कारण इहां सबो प्रकार के उद्यानिकी फसलों के खेती के अपार संभावना हावय। सरगुजा अंचल के पहाड़ी क्षेत्र म नाशपाती, अंगूर, चाय कॉफी ,काजू स्ट्राबरी, अलूचा, राज्य के मैदानी क्षेत्र म ड्रैगन फ्रूट, बेर, आम, अमरूद, केला नींबू अउ बस्तर के पठारी क्षेत्र म नारियल, काजू, काफी, दालचीनी, तेजपत्ता, काली मिर्च उत्पादन के प्रचुर संभावना दिखत हाबे। फल-फूल, सब्जी अउ मसाला के खेती अउ ओकर व्यवसायिक उत्पादन ल बढ़ावा दे खातिर उद्यानिकी विश्वविद्यालय के स्थापना एक सार्थक अउ सराहनीय कदम हाए। 

जानबा होवय के वर्तमान म इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ले हरेक साल 300 विद्यार्थी उद्यानिकी के स्नातक उपाधि, 30 विद्यार्थी स्नातकोत्तर अउ पीएचडी के उपाधि लेवत हाबे। नवा विश्वविद्यालय के खुले ले उद्यानिकी अउ वानिकी के उच्च शिक्षा हासिल करे म राज्य के युवा मनला अऊ सुविधा मिलही। राज्य म उद्यानिकी के दो शासकीय अउ चार निजी महाविद्यालय संचालित हावय। चार अउ नवा उद्यानिकी महाविद्यालय अर्जुन्दा, साजा-बेमेतरा, जशपुर अउ धमतरी म सुरू होवइया हाबे। राज्य म एक वानिकी महाविद्यालय के स्थापना तको प्रस्तावित हावय।

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