Home News Contact About
'अंजोर ' छत्तीसगढ़ी मासिक पत्रिका वेब संस्करण ---- anjore.cg@gmail.com

छत्तीसगढ़ के स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट ल मिलिस राष्ट्रीय मान्यता, आईएचएम के डिग्री अब देश-विदेश म मान्य


रायपुर.12। छत्तीसगढ़ के स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (आईएचएम) ल राष्ट्रीय होटल प्रबंध अउ कैटरिंग टेक्नॉलॉजी परिषद (एनसीएचएमसीटी) कोति ले मान्यता मिलगे। मान्यता के बाद अब स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (आईएचएम) के डिग्रीधारी मनला देश-विदेश के संस्था ह तको मान्यता देही। जानबा होवय के स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (आईएचएम) के गठन 2006 म करे गे रिहिसे। 

मुख्यमंत्री श्री बघेल ह पर्यटन ल बढ़ावा दे के संगे-संग युवा मन ल तको ये क्षेत्र म आगू बढ़ाये के प्रयास करत हाबे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अउ पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू के निर्देश म पर्यटन विभाग के सचिव, टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक ह स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (आईएचएम) ल मान्यता देवाये खातिर बने पहल करिन। राष्ट्रीय होटल प्रबंध अउ कैटरिंग टेक्नॉलॉजी परिषद (एनसीएचएमसीटी) के स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (आईएचएम) के मान्यता शैक्षणिक सत्र 2020-21 ले ही लागू हो जाही। 

राष्ट्रीय होटल प्रबंध अउ कैटरिंग टेक्नॉलॉजी परिषद (एनसीएचएमसीटी) ह शैक्षणिक सत्र 2020-21 ले कार्यक्रम, पाठ्यक्रम ल संचालित करे के अनुमति स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (आईएचएम) ल प्रदान कर दे हाबे। जेमा बीएससी, हॉस्पिटैलिटी एंड होटल एडमिनिस्ट्रेशन, डिप्लोमा इन फूड प्रॉडक्शन, डिप्लोमा इन फूड एंड बेवरेज सर्विस, डिप्लोमा इन हाउस कीपिंग ऑपरेशन्स, बीएससी पास, स्नातक विद्यार्थी मन प्रतियोगी परीक्षा जेईई म उत्तीर्ण होए के बाद, हॉस्पिटैलिटी एंड होटल एडमिनिस्ट्रेशन म प्रवेश खातिर एनसीएचएम के सेंट्रलाइज्ड ह काउंसलिंग शुरू कर दे हावय।

स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, उपरवारा, नवा रायपुर ल (एनसीएचएमसीटी) काउंसलिंग लिस्ट म शामिल करे गे हावय। येकर अलावा 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थी मन डिप्लोमा कोर्स खातिर सीधा प्रवेश के सुविधा तको नइही। टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक अउ स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, उपरवारा के प्रिंसिपल इफ्फत आरा कोति ले मिले आरो के मुताबिक आईएचएम म अक्टूबर के पहिली सप्ताह ले क्लास शुरू हो जाही, संस्थान के संचालन खातिर गवर्निंग बॉडी के गठन हो चुके हावय।

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

जोहार पहुना, मया राखे रहिबे...

किस्सा कहिनी

Contact Us

नाम

ईमेल *

संदेश *

कला-संस्कृति-साहित्य

follow us

T-Twitter | F-Facebook | Y-Youtube | Instagram | Pinterest
महतारी भाखा के उरउती खातिर भारत के समाचार पत्र के पंजीयक कार्यालय नई दिल्ली म पंजीकृत ' अंजोर ' छत्तीसगढ़ी मासिक पत्रिका के anjor.online वेब संस्करण म छत्तीसगढ़ी बुलेटिन, किस्सा-कहानी अउ कला-मनोरंजन संग सोशल मीडिया के चारी, कुछ आन भाखा के अनुवाद समोखे, छत्तीसगढ़ के जन भाखा म जन-जन तक बगराथन। जुड़व ये उदीम - anjore.cg@gmail.com

सियानी गोठ

भारत के समाचारपत्रों के पंजीयक का कार्यालय नई दिल्ली
पंजीकरण संख्या-: CHHCHH/2014/56285