Home News Contact About
'अंजोर ' छत्तीसगढ़ी मासिक पत्रिका वेब संस्करण ---- anjore.cg@gmail.com

जगदीश ‘हीरा’ साहू के कविता : मोर देश के जवान

मोर देश के जवान

देश के खातिर डटे रहिथौ तुम, तुँही हव हमर शान।
मोर देश के जवान, मैं कतका करँव बखान।।

गाँधी सुभाष वीर भगतसिंह, देइच अपन क़ुरबानी।
अंगरेज ला भगाये खातिर, सबझन मन मा ठानी।।
देके आजादी हमर देश ला, सौंपे हे तुँहर हाथ मा।
करव तुमन रखवारी कहिके, तिलक दिए तुँहर माथ मा।।
तुँहर रहत ले उठा के आँखी, नइ देखय कोनो आन।
मोर देश के जवान, मैं कतका करँव बखान।।

बाहिर ले दुश्मन मन आथे, तेल मार भगाथौ।
अपन प्राण के मोह न करके, हमला जीत देवाथौ।।
दल के दल कतको आथे फेर, तुँहर आगू मा टिकय नहीं।
भाग जाथे हार के जम्मो, आगू मा कोनो दिखय नहीं।।
नजर लगाये हे बैरी मन, येला बनाये बर शमशान।
मोर देश के जवान, मैं कतका करँव बखान।।

भारत माँ के वीर सपूत हव, नता ला तुमन निभाहव।
मर जाहू कहूँ देश के खातिर, अमर तुमन हो जाहव।।
काशमीर हे सरग बरोबर, दुनिया गुन ला गाथे।
दुनिया भर के मनखे मन हा, दरस करे बर आथे।।
लइका सियान सब मिलके करे "जग", बस तुँहर गुणगान।
मोर देश के जवान, मैं कतका करँव बखान।।
           
- जगदीश ‘हीरा’ साहू (व्याख्याता)
कड़ार, भाटापारा-बलौदाबाजार
jksurganga@gmail.com

1 टिप्पणी:

  1. अंजोर में जगा दिए खातिर बहुत बहुत धन्यवाद महोदय जी,
    नमो नमः

    जवाब देंहटाएं

जोहार पहुना, मया राखे रहिबे...

किस्सा कहिनी

Contact Us

नाम

ईमेल *

संदेश *

कला-संस्कृति-साहित्य

follow us

T-Twitter | F-Facebook | Y-Youtube | Instagram | Pinterest
महतारी भाखा के उरउती खातिर भारत के समाचार पत्र के पंजीयक कार्यालय नई दिल्ली म पंजीकृत ' अंजोर ' छत्तीसगढ़ी मासिक पत्रिका के anjor.online वेब संस्करण म छत्तीसगढ़ी बुलेटिन, किस्सा-कहानी अउ कला-मनोरंजन संग सोशल मीडिया के चारी, कुछ आन भाखा के अनुवाद समोखे, छत्तीसगढ़ के जन भाखा म जन-जन तक बगराथन। जुड़व ये उदीम - anjore.cg@gmail.com

सियानी गोठ

भारत के समाचारपत्रों के पंजीयक का कार्यालय नई दिल्ली
पंजीकरण संख्या-: CHHCHH/2014/56285