बोधघाट सिंचाई परियोजना ल मिलिस केंद्रीय जल आयोग ले मंजूरी

अंजोर
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इंद्रावती म सिंचाई अउ बिजली ले बस्तर संभाग के तीन जिला के खुलही भाग


रायपुर.23। छत्तीसगढ़ राज्य के महत्वाकांक्षी सिंचाई परियोजना म से एक बोधघाट बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना के बुता ल अब केंद्रीय जल आयोग ले सहमति मिलगे हाबे। लगभग 40 बछर ले अटके परियोजना खातिर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अउ जल संसाधन मंत्री रविंद्र चौबे के सरलग प्रयास ले परियोजना के प्री फिजिबिलिटी रिपोर्ट (प्रारंभिक साध्यता प्रतिवेदन) ल भारत सरकार के केंद्रीय जल आयोग ले सैद्धांतिक सहमति मिले के बाद अब परियोजना के सर्वेक्षण अउ विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तइयार करे के बुता लघियात होही।

जानबा होवय के पाछू दिन मुख्यमंत्री ह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम ले केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ले बोधघाट परियोजना के संबंध म विस्तार ले चर्चा करत ये परियोजना के महत्ता के बारे मे बताइन। जल संसाधन मंत्री रविंद्र चौबे ह तको केंद्रीय जल संसाधन मंत्री श्री शेखावत ले छत्तीसगढ़ शासन कोति ले प्रेषित प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट म सहमति देके आग्रह करिन। श्री चौबे ह बताइन के बोधघाट परियोजना के प्री फिजिबिलिटी रिपोर्ट 2 अप्रैल 2020 के केंद्रीय जल आयोग ल भेजे रेहेन।

बोधघाट बहुद्देश्यीय सिंचाई परियोजना इंद्रावती नदी म प्रस्तावित हावय। येहा ह दंतेवाड़ा जिला के विकासखंड गीदम के ग्राम बारसुर ले लगभग 8 किलोमीटर अउ जगदलपुर जिला मुख्यालय ले 100 किलोमीटर दूरिहा हाबे। ये परियोजना म कुल लागत 22 हजार 653 करोड़ रूपिया आही। इहां ले लगभग 3 लाख 66 हजार 580 हेक्टेयर म सिंचाई अउ लगभग 300 मेगावाट विद्युत उत्पादन प्रस्तावित हाबे। बोधघाट परियोजना ले बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा, सुकमा अउ बीजापुर जिला म सिंचाई होही। जल संसाधन मंत्री रविंद्र चौबे ह किहिन के अवइया 8-9 महीना के भीतर बोधघाट परियोजना के सर्वेक्षण अनुसंधान अउ डीपीआर बनाके निर्माण कार्य ल आगू बढ़ाए के प्रयास करे जाही। 

मुख्यमंत्री के निर्देश के परिपालन म जल संसाधन विभाग छत्तीसगढ़ शासन कोति ले सुकमा जिला ल खरीफ, रबी अउ ग्रीष्मकालीन फसल खातिर कुल एक लाख हेक्टेयर म सिंचाई खातिर जल आपूर्ति ल परियोजना म शामिल करे गे हाबे। जेमा तीनों जिला म 3 लाख 66 हजार 580 हेक्टेयर म वार्षिक सिंचाई सुविधा प्रदान करे जाना प्रस्तावित हाबे। मंत्री श्री चौबे ह किहिन के बोधघाट बहुद्देशीय सिचाई परियोजना बस्तर संभाग अउ राज्य के विकास म मील के पत्थर साबित होही।

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