मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अगवाई म छत्तीसगढ़ सरकार कोति ले किसान मन के हित म एक बड़ कदम उठावत राज्य स्तरीय नैनो डीएपी-यूरिया जन-जागरूकता अभियान के सुरूआत करे जावत हे। ए अभियान के मुख्य उद्देश्य प्रदेश के किसान मन ल नैनो खाद के उपयोग, ओकर चमत्कारी फायदा अउ आधुनिक खेती-किसानी के तरीका मन के प्रति जागरूक करना हे।
बता दन कि राज्य सरकार ह कम लागत म जादा उत्पादन अउ बढ़िया क्वालिटी वाले खेती ल बढ़ावा देहे बर पूरी लगन के संग किसान मन के हित म काम करत हे। एकर तहत वैज्ञानिक अउ आधुनिक कृषि तकनीक मन ल गांव-गांव तक पहुँचाए जात हे, ताकि किसान मन ल संतुलित खाद के उपयोग अउ टिकाऊ खेती बर प्रेरित करे जा सके।
उल्लेखनीय हे कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ह खुद ए अभियान ले जुड़के किसान मन, कृषि वैज्ञानिक मन अउ जानकार मन के संग सीधा खेत मन के निरीक्षण करहीं, फसल मन के अभी के स्थिति के जायजा लेहीं अउ खाद के संतुलित उपयोग ऊपर अपन खुद के अनुभव बांटहीं। ए अभियान के तहत आयोजित होय वाले 'किसान चौपाल' ल चार बड़ चरण म चलाए जाही। कार्यक्रम के सुरूआत खेत मन के निरीक्षण ले होही जहाँ मुख्यमंत्री जी ह कृषि वैज्ञानिक मन के संग खेत मन के जमीनी अवलोकन करहीं अउ किसान मन ले फसल के स्थिति अउ ओकर चुनौती मन ऊपर सीधा गोठ-बात करहीं। एकर बाद खेत मन के बीच म ही चौपाल के रूप म खुला संवाद सत्र होही, जहाँ किसान मन सीधा सवाल पूछ सकहीं अउ वैज्ञानिक मन ओमन के संका मन के समाधान सरल भासा म करहीं।
ए चौपाल के एक विसेस आकर्षण 'ड्रोन दीदी संवाद' अउ लाइव प्रदर्सनी होही, जेकर माध्यम ले नैनो डीएपी के छिड़काव के लाइव डेमो (प्रदर्शन) दिखाए जाही। एहा कम समय म बड़ इलाका ल कवर करके समय, मिहनत अउ लागत के बचत ल देखाही। कार्यक्रम के आखिरी चरण म मुख्यमंत्री कोति ले किसान मन ल आधुनिक तकनीक अपनाए के नेवता अउ खेती के ए बदलाव ल जन-आंदोलन बनाए बर एक भावुक अपील करे जाही।
कृषि विभाग के अधिकारी मन बतॉइन कि ए अभियान के तहत प्रदेश के अलग-अलग गांव मन म किसान चौपाल के आयोजन करे जाही, जेकर संचालन पूरी तरह ले बातचीत, अनुभव अउ ब्यवहारिक प्रदर्सनी ऊपर आधारित होही। कार्यक्रम ल अइसन तैयार करे गए हे कि किसान मन सिरिफ जानकारी ही झन पावंय, बल्कि आधुनिक तकनीक मन ल अपन आंखी के सामने काम करत घलो देखंय।
खाद आपूर्ति के स्थिति ल साफ करत हुए सरकार ह प्रदेश के किसान मन ल भरोसा दिलाए हे कि राज्य म खाद के कोनो कमी नइ हे। कोनो माध्यम ले खाद के कमी ल लेके फैलाए जावत खबर मन पूरी तरह ले भ्रामक अउ झूठन हें, जेकर सरकार कोति ले कड़ाई से खंडन करे जाथे। सरकार ह पूरी तरह साफ कर दिए हे कि किसान मन ल प्रति एकड़ एक-एक बोरी डी.ए.पी. या यूरिया लेहे के कोनो बंधन नइ हे। एकर संग म नैनो खाद ल लेहे बर घलो कोनो किसान ल मजबूर नइ करे जाही, काबर कि एहा पूरी तरह वैकल्पिक आय।
अभी रायपुर जिला के सोसायटी मन म पर्याप्त खाद रखाय हे अउ लगातार बांटे के काम चलत हे। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ यानी 'मार्कफेड' के संग्रहण केंद्र मन ले समिति मन म बड़ पैमाना म खाद भेजे गए हे। रायपुर जिला के समिति मन म यूरिया के अभी उपलब्धता 9,102 मीट्रिक टन हे, जबकि संग्रहण केंद्र मन म कुल 10,732 मीट्रिक टन यूरिया जमा हे। ओसने डी.ए.पी. के समिति मन म अभी उपलब्धता 3,092 मीट्रिक टन हे, जबकि कुल भंडारित मात्रा 3,927 मीट्रिक टन हे।
किसान मन के सुविधा अउ सही वितरण बर जमीन के हिसाब से यूरिया बांटे के किश्त घलो तय करे गए हे। ढाई एकड़ तक के जमीन वाले सीमांत किसान मन ल यूरिया के पूरा मात्रा एकमुश्त (एक बार म) मिल जाही। ढाई एकड़ ले पांच एकड़ तक के जमीन वाले लघु किसान मन ल खाद दो किश्त म उठाए के सुविधा होही, जबकि पांच एकड़ ले जादा जमीन वाले बड़ किसान मन ल यूरिया तीन किश्त म असानी से दिए जाही।
सरकार ह किसान मन से बड़ अपील करे हे कि ओमन अपन तुरंते के जरूरत के हिसाब से सोसायटी मन ले खाद उठावंय अउ यूरिया व डी.ए.पी. के वैकल्पिक स्रोत मन के घलो अपन इच्छा से उपयोग करंय। खाद के भंडारण अउ वितरण एक लगातार चलने वाला काम आय, समिति मन म पर्याप्त खाद हे अउ उठाव के हिसाब से दोबारा खाद भरे के ब्यवस्था लगातार करे जात हे। ए पूरा अभियान ल सोशल मीडिया अउ डिजिटल माध्यम मन म घलो “खेती म बदलाव के नवा सुरूआत” थीम आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म, जागरूकता अभियान अउ कृषि वैज्ञानिक मन के सलाह के जरिए बड़ पैमाना म प्रचारित करे जात हे, ताकि “वैज्ञानिक खेती ले बढ़ही किसान के आय अउ उन्नत खेती ही समृद्ध किसान के पहिचान” के संकल्प ल पूरा करे जा सके।
कृषि विभाग ले मिले जानकारी के मुताबिक नैनो डीएपी के उपयोग से किसान मन ल संतुलित पोषण, बेहतर परिणाम अउ पर्यावरण के अनुकूल खेती ल बढ़ावा मिलही। एकर संग म ठोस डीएपी ऊपर निर्भरता कम होही अउ खाद के उपयोग के छमता बाढ़ही। विभागीय आंकड़ा के मुताबिक एक एकड़ खेत म पारंपरिक डीएपी के तुलना म नैनो डीएपी के उपयोग ले लागत म कमी आथे। जहाँ 50 किलोग्राम के एक बोरी डीएपी म लगभग 1350 रुपिया के खरचा आथे, वहीं 25 किलोग्राम डीएपी अउ 500 मिली नैनो डीएपी के एक संग उपयोग करे ले लगभग 1275 रुपिया के खरचा आथे। वहीं एनपीके 12:32:16, 20:20:0:13, हरी खाद, जैविक खाद अउ नैनो खाद मन के उपलब्धता ल घलो बढ़ाए जात हे।


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