राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के मान-सम्मान अउ मातृशक्ति के प्रतीक पद्मश्री श्रीमती फूलबासन बाई यादव के अपहरण के एक बड़का साजिश ला राजनांदगांव पुलिस हा अपन सतर्कता ले नाकाम कर दिस हे। 05 मई 2026 के मंझनिया लगभग 11:00 बजे जब अपराधी मन ए घटना ला अंजाम देवत रहिन, तभे पुलिस के मुस्तैदी हा ए बड़का खतरा ला टाल दिस। ए घटना के बाद ले पूरा इलाका में पुलिस के तत्परता अउ सुरक्षा व्यवस्था के जमके तारीफ होवत हे।
सेल्फी के बहाना अउ अपहरण के साजिश
मिले आरो के मुताबिक, आरोपी मन हा फूलबासन बाई ला अपन जाल में फंसाए बर बड़े योजना बनाय रहिन। ओखर एक जान-पहचान के मनखे हा एक आन महिला के संग मिलके सेल्फी लेवाय के बहाना ओला गाड़ी में बइठा लिस। जैसे ही ओ मन गाड़ी में बइठिन, तभे दू पुरुष अउ एक अउ महिला संगवारी मन मिलके ओला जबरन बंधक बनाके ले जाए के कोसिस करे लगिन। ए घटना ले समाजसेवा के क्षेत्र में बुता करइया मनखे मन के सुरक्षा ल लेके चिंता बाढ़ गे हे।
ट्रैफिक चेकिंग में धराइन संदिग्ध मनखे मन
अपहरण के ए साजिश तब उघरिस जब अपराधी मन के गाड़ी गठुला रोड डाहर ले गुजरत रहिस। ओती ड्यूटी में तैनात ट्रैफिक निरीक्षक अउ ओखर टीम हा गाड़ी वाला मन ला सीट बेल्ट नई लगाय के सेती जांच बर रोकिस। रूटीन चेकिंग के बखत पुलिस टीम के नजर गाड़ी के पाछू बइठे एक महिला ऊपर परिस, जेखर स्थिति हा बहुत संदिग्ध अउ डरावना दिखत रहिस।
इंस्पेक्टर नवरत्न कश्यप के सूझबूझ ले पकड़ाइस
जब पुलिस हा पूछताछ करिस, त आरोपी मन हा पुलिस ला भटकाए बर कहिन कि महिला ला मिर्गी के दौरा परत हे अउ ओमन ओला अस्पताल ले जावत हे। फेर इंस्पेक्टर नवरत्न कश्यप ला ओखर बात ऊपर भरोसा नइ होइस अउ ओहा अपन बुद्धि के प्रयोग करत सबो झन ला गाड़ी ले नीचे उतारिस। जब कड़ाई ले जांच होइस, त श्रीमती फूलबासन बाई यादव के पहिचान होइस अउ ओला तुरंत सुरक्षित छुड़ा ले गिस।
चारो आरोपी पुलिस के गिरफ्त में, जांच जारी
राजनांदगांव पुलिस हा ए मामला में शामिल चारो आरोपी मन ला हिरासत में लेके नजदीकी थाना भेजवा दिस हे। पुलिस प्रशासन डाहर ले आरोपी मन के खिलाफ कानून के धारा मन के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज करे के प्रक्रिया करे जावत हे। पुलिस के ए सफलता हा 'Visible–Active–Effective' पुलिसिंग के एक बढ़िया मिसाल हे, जेखर ले जनता के बीच पुलिस ऊपर बिसवास अउ बाढ़िस हे।


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