आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मन के नवा साड़ी के क्वालिटी खराब, बदले जाही 'यूनिफॉर्म'

अंजोर
0
 
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मन के नवा साड़ी के क्वालिटी खराब, बदले जाही 'यूनिफॉर्म'

रायपुर, 9 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ के महिला अउ बाल विकास विभाग ह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अउ सहायिका मन ला बांटे गे साड़ी मन ला लेके एक बड़े फैसला सुनाय हे। विभाग ह साफ कहि दे हे कि साड़ी वितरण म कोनो भी किसम के लापरवाही बर्दाश्त नई करे जाय। जिहां घलो साड़ी के क्वालिटी या लंबाई मा गड़बड़ी मिले हे, ओ साड़ी मन ला बदल के नवा साड़ी दे जाही।

काबर उठिस विवाद?

नियम के मुताबिक, प्रदेश के हर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अउ सहायिका ला साल मा दो साड़ी यूनिफॉर्म के रूप मा दे जाथे। एखर बर हर साड़ी के कीमत 500 रुपिया तय करे गे हे। 'छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग' ले जुड़े एजेंसी ह लगभग 1.94 लाख साड़ी के सप्लाई करे रिहिस।

फेर जब साड़ी मन ला दुर्ग, धमतरी, रायगढ़ अउ कबीरधाम जिला मा बांटे गिस, त कार्यकर्ता मन ह सिकायत करिन। ओमन के कहना रिहिस कि साड़ी ह तय लंबाई ले छोटे हे, ओखर धागा निकलत हे अउ धोय म रंग घलो छोड़त हे।

जांच म सही पाइन- 

सिकायत के बाद विभाग ह तुरंत एक जांच समिति बनाइस। जांच म ये बात सही पायी गे कि कुछ जगह साड़ी के लंबाई कम हे अउ बुनाई म घलो खामी हे। विभाग के अधिकारी मन ह कहिन कि साड़ी के लंबाई ब्लाउज पीस मिला के 6.30 मीटर होना चाहि, फेर कुछ साड़ी मन म ये कम रिहिस।

अब आगू का होही?

महिला एवं बाल विकास विभाग ह सबो जिला मन ला निर्देश दे हे कि जतका घलो साड़ी बांटे गे हे, ओखर फिर ले जांच करे जाय। खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड ला घलो कड़ा सब्द मा कहि दे गे हे कि जेकर क्वालिटी खराब हे, ओ साड़ी मन ला बदल के तुरंत मानक के हिसाब ले नवा साड़ी उपलब्ध कराए जाय।

विभाग ह भरोसा दिलाय हे कि कोनो भी हितग्राही ला नुकसान नई होवन दे जाय। साड़ी सप्लाई करइया एजेंसी के संग पहिली ले ये शर्त रिहिस कि यदि सामान खराब मिलही, त ओला बदलना परही।

समाचार के खास बात मन

  • प्रदेश मा कुल 1.94 लाख साड़ी बांटे के आर्डर दे गे रिहिस।

  • साड़ी के क्वालिटी जांच मुंबई के राइट्स लिमिटेड ले कराए गे रिहिस।

  • साड़ी के लंबाई ब्लाउज संग 6.30 मीटर तय हे।

  • खराब साड़ी ला बदले के जिम्मेदारी आपूर्ति करइया एजेंसी के होही।

सरकार के ए कदम ले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मन ला राहत मिलही अउ ओमन ला सही क्वालिटी के यूनिफॉर्म मिल पायही। विभाग ह पारदर्शिता बनाय रखे बर ए मामला मा कड़ा रुख अपनाय हे।

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

सबो पाठक ल जोहार..,
हमर बेवसाइट म ठेठ छत्तीसगढ़ी के बजाए रइपुरिहा भासा के उपयोग करे हाबन, जेकर ल आन मन तको हमर भाखा ल आसानी ले समझ सके...
छत्तीसगढ़ी म समाचार परोसे के ये उदीम कइसे लागिस, अपन बिचार जरूर लिखव।
महतारी भाखा के सम्मान म- पढ़बो, लिखबो, बोलबो अउ बगराबोन छत्तीसगढ़ी।

एक टिप्पणी भेजें (0)

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Accept !