बस्तर के कद्दावर नेता अउ पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा बर आज राहत के खबर आइस हे। सुप्रीम कोर्ट ह लखमा ल शराब घोटाला मामला म जमानत दे देहे। बता दन के लखमा ह पिछला एक बच्छर ले रायपुर के जेल म बंद रिहिन, अब बाहिर आए के बाद ले उंकर समर्थक मन म भारी उत्साह देखे बर मिलत हे। कोंटा ले विधायक लखमा ल बस्तर म आदिवासी मनके बुलंद आवाज माने जाथे, अउ अब जेल ले बाहिर आए के बाद क्षेत्र के राजनीति म फेर ले सरगर्मी बढ़हे के उम्मीद हे।
कांग्रेसी कार्यकर्ता अउ लखमा के समर्थक मन के कहना हे कि भाजपा सरकार ह द्वेषपूर्ण राजनीति के तहत ओमन ल जेल भेजे रिहिस। लखमा के विरुद्ध केंद्रीय एजेंसी मन ह कतको जांच करीन, फेर कोर्ट म कोनो ठोस सबूत पेश नइ कर पाइन। कांग्रेस ह आरोप लगाइस हे कि भाजपा ह लखमा जइसन बड़े नेता के छवि खराब करे बर अउ बस्तर म ओकर प्रभाव ल कम करे बर ओ मन ल शराब घोटाला के चक्रव्यूह म फंसाए रिहिस, जेकर जवाब अब सुप्रीम कोर्ट ले मिल गे हे।
कवासी लखमा के जेल ले बाहिर आए ले बस्तर अउ छत्तीसगढ़ के राजनीति म एक नवा मोड़ आ सकत हे। लखमा ह हमेशा ले अपन बेबाक अंदाज अउ ठेठ बोली बर जाने जाथें। जेल म रहे के बाद भी ओ मन के लोकप्रियता म कोनो कमी नहीं आईस। ओ मन के रिहाई ल कांग्रेस ह सच्चाई के जीत अउ भाजपा के हार बतात हे। कार्यकर्ता मन के कहना हे कि सत्य ल परेशान करे जा सकत हे, फेर हराए नइ जा सके।
सुप्रीम कोर्ट ले जमानत मिले के बाद अब लखमा के स्वागत के तैयारी जोरों-शोरों ले चलत हे। बस्तर के ग्रामीण इलाका मन म ओ मन के भारी पकड़ हे, अउ अब जेल ले निकले के बाद लखमा ह फेर ले जनता के बीच जाके भाजपा सरकार के नीति मन के विरोध करहीं। कवासी लखमा के बाहिर आए ले न केवल कोंटा विधानसभा बल्कि पूरा छत्तीसगढ़ म कांग्रेस ल मजबूती मिलही, अउ भाजपा सरकार बर ये एक बड़े राजनीतिक झटका साबित होही।


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