रायपुर। छत्तीसगढ़ी साहित्य के गद्य विधा के गोठी म एक अऊ नवा सिरजन हमाइस जेकर नाम हे 'अउ का कहिबे'। रायपुर के प्रेस क्लब के सभागार म आयोजित विमोचन समारोह म पहुना के रूप म प्रभात मिश्रा अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग, अंजय शुक्ला अध्यक्ष पादप बोर्ड, मोहन तिवारी अध्यक्ष प्रेस क्लब रायपुर, डॉ. परदेसीराम वर्मा वरिष्ठ साहित्यकार, डॉ. सुधीर शर्मा प्रकाशक वैभव प्रकाशन शामिल रिहिन।
जानबा होवय के वरिष्ठ पत्रकार गुलाल वर्मा ह दैनिक अखबार पत्रिका के साप्ताहिक अंक 'पहट' म सरलग समसामयिक कालम लिखथे। ओमन के एकर पहिली तको इही कालम के झोरफा 'का कहिबे' नाव प्रकाशित हो चुके हावय। ओकर बाद 'अउ का कहिबे' दूसर भाग के रूप म लोगन के आगू आए हाबे। गुलाल वर्मा एक बड़े अखबार म बुता करथे ये सेती ओमन के नजर हमेशा नवा विषय म रमे रिथे। जेन विधा म ओमन लेख लिखे हावय तेन म आन कोनो सोचे तको नइ राहय, इही गुलाल वर्मा के लेखन के खासियत बाए।
गुलाल वर्मा ल उंकर दूसरइया कृति खातिर सभागार म जुरियाए पत्रकार, साहित्यकार जेमा चिनहउ परमानंद वर्मा, चंद्रशेखर चकोर, गोविंद धनगर, जयंत साहू, शिव चंद्राकर, बंधु राजेश्वर खरे, डॉ. दिनदयाल साहू, मुकेश टिकरिहा, स्वराज्य करूण, शशांक खरे, विजय मिश्रा आदि मन लेखक ल सुभकामना अउ बधाई दिस।


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