बिलासपुर। बिलासपुर के तीर म स्थित चकरभाठा रेलवे स्टेशन के नाव ल बदले के जऊन सुगबुगाहट चलत हे, ओकर विरोध अब तेज हो गे हे। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ह ए प्रस्ताव ऊपर कड़ा आपत्ति जतात हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक ल ज्ञापन सउंपे हे।
"पुरखा मन के पहिचान ले खिलवाड़"
क्रांति सेना के कहना हे कि 'चकरभाठा' सिर्फ एक स्टेशन के नाव नो हे, बल्कि ए ह ए क्षेत्र के मनखे मन के सामाजिक अउ सांस्कृतिक पहिचान आय। ए नाव ह बरसों ले सरकारी कागज, स्कूल के सर्टिफिकेट अउ रेलवे के रिकॉर्ड म दर्ज हे। अचानक नाव बदले के कोसिस ले इलाका के इतिहास अउ पहिचान ल मिटाय के बुता करे जात हे।
जनता म भारी असुविधा अउ भ्रम के डर
संगठन ह अपन आवेदन म लिखे हे कि:
- बिना कोनो ठोस कारण के नाव बदले ले आम जनता ल भारी असुविधा अउ भ्रम होही।
- ए ह छत्तीसगढ़िया मन के भावना ल ठेस पहुँचाए अउ ओ मन ल उकसाय के काम आय।
- चकरभाठा के नाव ह इहाँ के जनजीवन म रचे-बसे हे, जेला बदलना गलत हे।
का हे मांग?
जिला अध्यक्ष (युवा) मनोज कौशिक अउ जिला संयोजक अनिल कुमार पाली ह मांग करे हें कि चकरभाठा रेलवे स्टेशन के जऊन ऐतिहासिक अउ परंपरागत नाव हे, ओला 'जस के तस' रखे जावय। ओ मन चेतावनी दे हें कि अगर जनता के भावना के सम्मान नई करिस त ए मामला म उग्र आंदोलन घलो हो सकत हे।
ए ज्ञापन के प्रतिलिपि ह प्रधानमंत्री, रेल मंत्री अउ मुख्यमंत्री ल घलो भेजे गे हे ताकि ए प्रस्ताव ल तुरते निरस्त करे जा सके।

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