प्रयागराज: उत्तरप्रदेश के प्रयागराज (इलाहाबाद) में मौनी अमावस्या के मउका मा भारी बवाल होगे। खबर हे कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ह जब पालकी मा बइठ के संगम स्नान करे बर जावत रहिन, तब ओ मन ला रद्दा मा रोक दे गिस। ए बात ला लेके स्वामी जी ह भारी नाराजगी जताइन अउ प्रशासन ऊपर सवाल उठाइन। पुलिस अऊ संत मन के बीच झूमा झपटी होईस।
का हे पूरा मामला?
मिले आरो के मुताबिक, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपन परंपरा के अनुसार पालकी मा बइठ के गंगा अउ यमुना के संगम मा डुबकी लगाय बर निकलत रहिन। ओ मन ला रोके देख के उहां मौजूद भक्त अउ संत मन मा रोष छा गे।
स्वामी जी ह कड़क लहजा मा प्रशासन ले पूछिन कि आखिर ओ मन ला काबर रोके जावत हे। ओ मन ह तंज मारत कहिन:
"का गंगा ऊपर ओखरे रजिस्ट्री हे? का गंगा जी ला वो मन ह अपन नाम मा लिखा ले हें?"
मुख्य बात मन:
- मउका: मौनी अमावस्या के पावन स्नान।
- विवाद के जड़: शंकराचार्य ला पालकी मा स्नान बर जाय ले रोकना।
- स्वामी जी के तर्क: गंगा सबो बर आय, ओला कोनो अपन बपौती समझ के रोक नई सकय।
ए घटना के बाद इलाका मा गहमागहमी के माहौल बने होय हे। स्वामी जी के समर्थक मन प्रशासन के ए कड़ा रुख के विरोध करत हें।

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