मउत के डोर 'चाइनीज मांझा' : जब सरकार ह रोक लगा दे हे, त फेर बजार मा कहाँ ले आवत हे?

अंजोर
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रायपुर: आए दिन सड़क मा चलत मनखे मन के गला अउ चेहरा ये 'कांच वाले मांझा' के सेती कटत हे। अस्पताल मा कतकोन घायल मनखे मन के इलाज चलत हे, फेर सबले बड़े सवाल ये हे कि जब ये मांझा ऊपर सरकार अउ NGT ह कड़ा रोक लगा दे हे, त फेर ये बजार मा धड़ल्ले ले मिलत कहाँ ले हे? प्रशासन के चुप्पी ह अब जनता के जान ऊपर भारी परत हे।

1. कहाँ ले आवत हे ये जहर?

​प्रशासन के आंखी मा धूल झोंक के ये मांझा मन चोरी-छिपे बजार मा पहुँचाए जावत हे:

  • दूसर राज्य ले तस्करी: अक्सर ये मांझा मन ल बाहरी राज्य मन ले 'नायलॉन के धागा' बता के ट्रक अउ मालगाड़ी मा लुका के मंगाए जाथे।
  • कोडवर्ड मा धंधा: दुकानदार मन येला खुल्ला मा नई रखंय। जान-पहचान के ग्राहक मन ल ही 'कोडवर्ड' मा बात करके, दुकान के पिछू ले निकाल के देथे।
  • पैकिंग मा धोखाधड़ी: अब त दुकानदार मन सादा सूती धागा के डिब्बा मा ये प्रतिबंधित मांझा ल भर के बेचत हें, ताकि चेकिंग मा कोनो धर न सके।

2. प्रशासन आखिर चुप काबर हे?

​बड़े-बड़े हादसा होय के बाद घलो प्रभावी कार्यवाही नई होना कई सवाल खड़े करथे:

  • सिर्फ दिखावा के छापा: प्रशासन ह सिर्फ बड़े त्योहार के समय एकाध बार छापा मारथे। साल भर ये अवैध काम चलत रहिथे, ओकर ऊपर कोनो कड़ा लगाम नई हे।
  • बड़े सप्लायर मन ऊपर नरम रुख: छोटे दुकानदार मन ऊपर त कार्यवाही होथे, पर जउन मन बड़े खेप मंगवावत हें, ओ मन तक पुलिस काबर नई पहुँच पावत हे?
  • फ्लाईओवर मा सुरक्षा के कमी: शहर के फ्लाईओवर अउ एक्सप्रेस-वे मा जाली लगाए के मांग कतको बार करे गे हे, पर शासन ह एकर डाहर ध्यान नई देवत हे।

3. जान के किमत ले सस्ता मांझा

​लोकल सूती धागा जल्दी टूट जाथे अउ महंगा घलो रहिथे। ओकर जगा मा ये चाइनीज मांझा 80 ले 200 रुपिया मा मिल जाथे। ये 'सस्ता' के लालच मा कतको झन अपन अउ दूसर के जान ले खिलवाड़ करत हन।

अपील: ये जानलेवा मांझा ह सिरिफ़ पतंग नई काटय, मनखे अउ पंछी मन के गला घलो काट देथे। अगर कोनो येला बेचत मिलथे, त ओकर जानकारी तुरंत प्रशासन ल देव।

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