इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय: लोक संगीत के मयारू नोनी पूर्वी चंद्राकर ला मिलिस 3 स्वर्ण पदक

अंजोर
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​इंदिरा कला अउ संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ के दीक्षांत समारोह म छत्तीसगढ़ के माननयी राज्यपाल रमेन डेका जी ह पूर्वी चंद्राकर ला एम.ए. (लोक संगीत) मा मेरिट लिस्ट म पहिली स्थान पाय बर 3 स्वर्ण पदक ले सम्मानित करिन। पूर्वी ला 'दाऊ महासिंह चंद्राकर स्मृति स्वर्ण पदक' के संग अउ दू ठन स्वर्ण पदक मिलिस। ये गौरव के बात आय कि खैरागढ़ विश्वविद्यालय जइसन बड़े कला मंदिर मा पूर्वी ह अपन प्रतिभा के डंका बजाइस अउ लोक संगीत के मान बढ़ाइस।

​बतादन कि पूर्वी चंद्राकर ह हमर छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध लोक गायिका पद्मश्री ममता चंद्राकर अउ मंझे हुए फिल्म मेकर प्रेम चंद्राकर जी के सुपुत्री आय। पूर्वी ला संगीत अउ कला के संस्कार विरासत म मिले हे। ओ ह लइकापन ले ही सुघ्घर गाना गावत आवत हे अउ आज अपन मेहनत ले लोक संगीत के पढ़ाई मा घलो टॉप करके अपन दाई-ददा अउ पूरा प्रदेश के नाम रोशन कर दीस।

​पूर्वी ला मिले ये उपलब्धि काबिल-ए-तारीफ हे, काबर कि ये ह बताथे कि नवा पीढ़ी घलो अपन पुरखा मन के कला अउ संस्कृति ला सहेज के आगे बढ़ावत हे। दाऊ महासिंह चंद्राकर जी के नाम मा पदक पाना पूर्वी बर एक भावुक अउ गर्व के बात आय, काबर कि दाऊ जी ह छत्तीसगढ़ी लोक कला ला एक नवा पहिचान दे रिहिन। आज ओखरे रद्दा मा चलत पूर्वी ह अपन कला अउ लगन ले ये सफलता हासिल करे हे।

​छत्तीसगढ़ी संस्कृति अउ लोक संगीत बर पूर्वी के ये सफलता एक नवा अजोरा कस आय। पूरा प्रदेश ला पूर्वी चंद्राकर ऊपर गर्व हे अउ जम्मो कला प्रेमी मन ओला बधाई देवत हें। पूर्वी के आगू के भविष्य घलो अइसने सुघ्घर अउ चहकत रहे, एखरे बर हमर कोति ले घलो गाड़ा-गाड़ा बधाई अउ शुभकामना।

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