भिलाई ल बचाए बर देवेंद्र यादव के सत्याग्रह

अंजोर
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भिलाई के हक अउ बीएसपी कर्मी मन के अधिकार बर विधायक देवेंद्र यादव ह आर-पार के लड़ाई शुरू कर दे हें। देवेंद्र यादव ह कहिन कि भिलाई ह नेहरू जी के सपन मन के शहर आय, जेला कुछु 'षड्यंत्रकारी' मन उजाड़े के कोसिस करत हें। एखर विरोध में ओमन दो दिन के उपवास (सत्याग्रह) करत हें।

​काबर होवत हे सत्याग्रह? 

​विधायक ह बीएसपी प्रबंधन अउ सरकार के आगू 5 सूत्रीय मांग रखे हें:

  1. ​रिटेंशन स्कीम के नवा नियम के विरोध: बीएसपी के रिटायर कर्मचारी अउ परिवार मन बर आवास के नियम ल कड़ा करे के विरोध।
  2. ​न्यूनतम वेतन (Minimum Wage): बीएसपी के ठेका श्रमिक अउ कर्मचारी मन बर सम्मानजनक कम से कम वेतन तय करे जाए।
  3. ​मार्केट लीज नवीनीकरण: टाउनशिप के बइपारी मन बर लीज रिन्यूअल के प्रक्रिया ल सरल करे जाए।
  4. ​सेक्टर 9 अस्पताल के निजीकरण ले रोक: भिलाई के लाइफलाइन कहे जावइया ए अस्पताल ल निजी हाथ में सौंपे के कोसिस ल बंद करे जाए।
  5. ​सबो बर आवास (House For All): भिलाई के हर निवासी बर घर के व्यवस्था सुनिश्चित करे के मांग।

​विधायक के गोठ

​देवेंद्र यादव ह कहिन— "ये लड़ाई गांधी अउ बाबा साहब के विचार मन के लड़ाई आय। बीएसपी प्रबंधन ह बजट कटौती के नाम में कर्मचारी मन के सिच्छा, चिकित्सा अउ आवास के सुविधा ल कम करत हे, जेला हमन कतको सहन नहीं करबो।"

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जनता के हक बर जेल यात्रा अउ संघर्ष

​भिलाई के विधायक देवेन्द्र यादव ह हमेशा 'लड़इया नेता' के रूप म जाने जाथें। ओमन जनता के अधिकार बर कतको बेर जेल घलो गे हें।

  • ​बलौदाबाजार मामला म जेल यात्रा: आप मन ल सुरता होही कि बलौदाबाजार के हिंसक घटना के बाद, पुलिस ह देवेन्द्र यादव ल 17 अगस्त 2024 के गिरफ्तार करे रहिस। ओमन लगभग 6 महीना ले जादा समय रायपुर के सेंट्रल जेल म बिताइन। ओखर समर्थक मन के कहना हे कि ओमन ल राजनीतिक षड्यंत्र के तहत फंसाए गे रहिस, फेर ओमन जेल के भीतर ले घलो जनता के हक बर आवाज उठावत रहिन।
  • ​सुप्रीम कोर्ट ले राहत: फरवरी 2025 म ओमन ल सुप्रीम कोर्ट ले जमानत मिलीस, जेखर बाद ओमन जेल ले बाहर आइन। जेल ले निकलत साथ ओमन फेर ले भिलाई अउ छत्तीसगढ़ के मुद्दा मन म सक्रिय होगे हें।
  • ​सत्याग्रह के रस्ता: अब ओमन भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के निजीकरण अउ टाउनशिप के समस्या मन ल लेके 'भिलाई सत्याग्रह' करत हें। ओखर कहना हे कि "जेल के सलाख मन मोर हौसला ल नहीं तोड़ सकय, मैं भिलाई के हक बर लड़त रहिहूँ।"

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