मुख्यमंत्री साय ह कहिन के मैथिलीशरण गुप्त ह खड़ी बोली ला सिरिफ काव्य के गरब नइ दीन, बलकि ओला राष्ट्रीय चेतना के एक मजबूत माध्यम घलो बनाइस। आजादी के लड़ाई के कठिन समय म मैथिलीशरण गुप्त जी के रचना मन ह देशभक्ति, स्वाभिमान अउ सामाजिक जगाए के अइसन जोत जलाइस, जे ह मनखे मन ला एक करे के काम करिस।
उनकर कालजयी रचना 'भारत-भारती' समेत जम्मो काव्य रचना मन आजो राष्ट्रीय भावना अउ सांस्कृतिक मान-मर्यादा ला बढ़ाए म बड़का योगदान देवत हें। एही बेजोड़ सेवा के कारण ओ मनला सम्मान के संग 'राष्ट्रकवि' के पदवी ले नवाजे गीस।
मुख्यमंत्री ह आगू कहिन के गुप्त जी के साहित्य ह भारतीय समाज के मूल्य, भावना अउ राष्ट्रीय आदर्श मन के जीवंत दस्तवेज आय। उनकर रचना मन आवत पीढ़ी मन ला लगातार प्रेरणा अउ रद्दा देखावत रइही।


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