राजिम म हरिद्वार, काशी, मथुरा, अयोध्या, चित्रकुट समेत देशभर के साधु-संत, पीठाधीश्वर, मठाधीश, महात्मा अउ शंकराचार्य आही

अंजोर
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राजिम


अंजोर.राजिम,ए। छत्तीसगढ़ के तीर्थ नगरी राजिम तइहा जुग ले मेला भरवत हाबे। हमर पुरखा सियान मन पाख भरके मेला म दुरिहा दुरिहा ले बइला गाड़ी म आगे दूर चार बिता के जावय। ओ समे तको मेला अइसने बड़ा रूप राहय, जारो मुड़ा खई खजेनी के दुकान, रइचुली, ओखरा-लाई, जलेबी, पेठा के सुवाद ससनभर मिलय। संग म कुलेश्‍वर महादेव अउ राजीव लोचन भगवान के दरस के संग तिरबेनी म नहाके पुन कमा आवय। 

अब राजिम के मेला ह छत्‍तीसगढ़ बने के बाद ले ही बड़का सरकारी मेला होगे हाबे, धीरे धीरे अब राजिम के मेला के नाव बदलके राजिम कुंभ कल्‍प होगे हाबे। राजिम ल देश के पांचवा कुंभ केहे जाथे, जेन हरेक बच्‍छर भराथे। 

बताये जाथे के ए बार भारत के सनातन परंपरा के अद्भुत झलक दिखही। उत्तराखंड ले तमिलनाडू तक भारतभूमि के संतपरंपरा ले जुड़े संत के अद्भुत समागम ए भूमि म होही। ए बार के थीम रामोत्सव हावय। मुख्यमंच अयोध्या धाम के रामलला मंदिर के रकम ले होही।

मिले आरो के मुताबिक मेला परिसर सुगम, सुशासित अउ सुसज्जित होही। रामकथा के मंचन थ्री डी मैपिंग, लेजर शो उक के माध्यम ले होही। मुंबई के एक्सपर्ट टीम ये बुता करही। थ्री डी प्रोजेक्शन मैप के ए तकनीक ले रामकथा के अद्भुत रसपान दरस करइया करही। प्रयागराज कुंभ के विशेषता होवत हावय के इहां दुकान के आर्गेनाइज्ड स्ट्रक्चर तइयार होवत  हावय, जेकर फायदा बेवसाय करइया ल होवत  हावय। राजिम कुंभ म तको इही तर्ज म दुकान के बेवस्था होही।

राजिम कुंभ कल्प 2024

राजिम कुंभ कल्प के सुरू 24 फरवरी के होही, जेन 8 मार्च तक चलही। ए बड़का आयोजन म हरिद्वार, काशी, मथुरा, अयोध्या, चित्रकुट समेत देशभर के कई ठऊर मन ले साधु-संत, पीठाधीश्वर, मठाधीश, महात्मा अउ शंकराचार्य सामिल होही। दरस करइया के राजिम कुंभ के बखत आवागमन म कोनो तको तरीका के दिक्कत नी हो, येकर बिसेस रूप ले धियान रखे जात हावय। मेला जगह म दुकान के सुव्यवस्थित करके सड़क के काफी चौड़ा करके दे हावय। हमन राजिम कुंभ के प्रयागराज कुंभ के तर्ज म ऑर्गनाइज स्ट्रक्चर तइयार करके दुकानें स्थापित के हावय, जेकर ले दुकानदारों के फायदा हो अउ दरस करइया के कोनो तको रकम ले के असुविधा न होए पाएं।

राजिम कुंभ कल्प के बखत होही तीन पुण्य स्नान

धर्मस्व मंत्री अग्रवाल ह किहिन के राजिम कुंभ कल्प के बखत तीन पुण्य स्नान क्रमशः 24 फरवरी मांग पूर्णिमा, 4 मार्च महतारी जानकी जयंती अउ 8 मार्च महाशिवरात्रि के पावन मउका म होही। दरस करइया के मार्गदर्शन अउ सहयोग के खातिर वालेंटियर तैनात करे  गे हावय। कुंभ के बखत स्वच्छता के बिसेस धियान रखे जाही। येकर खातिर नदी अउ आसपास के जगह के साफ-सफाई के खातिर बड़े संख्या म सफाईकर्मी तैनात करे  गे हावयं। दरस करइया के सुविधा के खातिर मेला जगह म बड़े संख्या म पोर्टेबल टॉयलेट अउ चेंजिंग रूम के बेवस्था सुनिश्चित के गे हावय।

राजिम कुंभ म शिशुवती महतारी मन के खातिर बनही फिडिंग रूम

धर्मस्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ह किहिन के राजिम कुंभ म आने वाला सबो उमर वर्ग के लोगन के धियान रखना हमर कर्तव्य हावय। कुंभ म आने वाला शिशुवती महतारी मन के अपन लइका के स्तनपान कराइन के खातिर मेला जगह म फिडिंग रूम तको बनाए गे हावयं।

प्राथमिक इलाज के खातिर हॉस्पिटल

धर्मस्व मंत्री अग्रवाल ह किहिन के पहिली मेला के आयोजन के बखत मेडिकल कैम्प लगाये जात रिहिन हावय। प्रायः देखे गे हावय के ए मेडिकल कैम्प ले दरस करइया के होए वाला स्वास्थ्यगत समस्या के तुरते इलाज नइ हो पाता रिहिस। ए बार मेला जगह म स्वास्थ्य विभाग डहर ले 10-10 बेड के छोटे-छोटे अस्पताल स्ािापित करे  गे हावयं, जिसस मरीज मन के आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकही। रायपुर, गरियाबंद अउ धमतरी जिला के एक कलस्टर बनाके स्वास्थ्य कैंप तको मेला जगह म लगाये जाही।

रामोत्सव के थीम म होही बड़का झांकी

धर्मस्व अग्रवाल ह किहिन कि, राजिम कुंभ म ए बार रामोत्सव थीम म बड़का झांकी तइयार के गे हावय। एमे प्रभु राम के छत्तीसगढ़ म वनवास काल के बखत पलों के झांकी के माध्यम ले बताइन जाही। झांकी के प्रदर्शन म लेजर लाईट अउ साउंड इफेक्ट के तको समावेश करे गे हावय, जेन दरस करइया के खातिर आकर्षण के केंद्र होही। लक्ष्मण झूले के तको एलईडी लाईट ले सजाया गे हावय। राजिम कुंभ के बड़का स्वरूप दे के खातिर बिसेस प्लान तइयार करे गे हावय अउ येकर खातिर विशेषज्ञ के सेवा लिस जा रेहे हावय, ताकि राजिम कुंभ के ख्याति देश-दुनिया म प्रचारित हो।


राजिम (Rajim) के बारे में जानकारी-

राजिम (Rajim) भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के गरियाबंद ज़िला के एक नगर पंचायत आए। राजिम नगर ह महानदी के तट बसे हावय, येला छत्‍तीसगढ़ के बड़ पबरित तिरथ आए। इलाहाबाद अउ गया सहिक छत्‍तीसगढ़ के लोगन मन महानदी म हाड़ा सरोय (अस्थि विसर्जन) बर जाथे। इही सेती राजिम ल छत्तीसगढ़ के "प्रयाग" तको केहे जाथे।

राजिम के प्रसिद्ध मंदिर- 

राजीव लोचन मंदिर- इहां प्रसिद्ध राजीव लोचन मंदिर म भगवान विष्णु बिराजमान हाबे। राजीवलोचन मंदिर एक विशाल आयताकार प्राकार के मध्य में बनाये गे हाबे। भू-विन्यास योजना में ये मंदिर-महामण्डप, अन्तराल, गर्भगृह अउ प्रदक्षिणापथ, इन चार विशिष्ट अंग में विभक्त हे। इहां के मंदिर निर्माण कला ले देखे खातिर देश विदेश के सैलानी मन आथे। 

कुलेश्वर महादेव मंदिर- राजिम के तिरबेनी (त्रिवेणी) संगम के बीच म भगवान कुलेश्वर महादेव के विशाल मंदिर हावय। अइसने मनता हावय के वनवास काल में श्री राम ह ये स्थान म अपन कुलदेवता महादेव जी के पूजा करे रहिस।

प्राचीन नाम- ये ठउर के प्राचीन नाम कमलक्षेत्र हावय। अइसे मान्यता हे के सृष्टि के आरम्भ में भगवान विष्णु के नाभि ले निकले कमल इहंचे रिहिस अउ ब्रह्मा जी ह इहींचे ले सृष्टि के रचना करे रिहिस। तेकरे सेती येला कमलक्षेत्र कहे गिस।

मेला

राजिम म तइहा जुग ले बड़का मेला के आयोजन होवत हावय। इहां माघी पुन्‍नी ले शिवरात्रि तक मेला लगथे। 

त्रिवेणी संगम

राजिम म महानदी, पैरी नदी अउ सोंढुर नदी के संगम होए के सेती ये ठउर ल छत्तीसगढ़ के त्रिवेणी संगम केहे गिस। 

अस्थि विसर्जन/पिंडदान/ श्राद्ध-

राजिम ल छत्तीसगढ़ के प्रयाग मानेे जाथे। पैरी नदी, सोंढुर नदी अउ महानदी के संगम म अस्थि विसर्जन करे जाथे। अउ संगम किनारे पिंडदान, श्राद्ध अउ तर्पण करके लोगन मन अपन पुरखा ल तारे के उदीम करथे। 

राजिम मेला की फाइल तस्‍वीर-

राजिम मेला की फाइल तस्‍वीर
राजिम के संगत तट म साधु संत मनके डेरा म अखाड़ा के प्रदर्शन

राजिम मेला की फाइल तस्‍वीर
राजिम पधारे नागा साधु अउ उंकर करतब

राजिम मेला की फाइल तस्‍वीर
राजिम म आये आने आने मठ के साधु संत 

राजिम मेला की फाइल तस्‍वीर

राजिम मेला की फाइल तस्‍वीर

राजिम मेला की फाइल तस्‍वीर


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महतारी भाखा के सम्मान म- पढ़बो, लिखबो, बोलबो अउ बगराबोन छत्तीसगढ़ी।

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