अंजोर.रायपुर, मध्यप्रदेश के आदिवासी बाहुल्य जिला डिंडौरी ले पहुंचिस कलाकार मन ह छत्तीसगढ़ के सुरता दिला दीस। करमा नृत्य के प्रस्तुति ह सबका मन मोह लिस। कृषि कर्म प्रधान नृत्य करमा फसल कटाई अउ कृषि म आधारित हावय। ये बैगा जनजाति के लोकप्रिय नृत्य हावय। मांदर के थाप म,सिर म रंगीन पगड़ी अउ मोरपंख ले सुसज्जित, लाल अउ करिया परिधान ले उत्साह के संग प्रस्तुति दिस। इंकर नृत्य म छत्तीसगढ़ के करमा नृत्य के झलक साफ देखाइस हावय। महिला मन गहरी नीली साड़ी पहने अउ मुड़ म कलगी लगाए आदिवासी परम्परा के पहचान के सरंक्षित करके सामूहिक, सामजंस्य अउ एकता के संदेश देत नृत्य करिस। वाद्य यंत्र म तको छत्तीसगढ़ के झलक मिलिस। निशान बाजा, मोहरी, मांदर, टीमटिमी बाजा के प्रयोग करत कर्णप्रिय संगीत के संग सुंदर प्रस्तुति रिहिस।
मध्यप्रदेश के आदिवासी समाज डहर ले करे जाये वाला सैताम नृत्य के सुंदर प्रस्तुति करे गे हावय। महिला मन लाल अउ हरियर के सुंदर परिधान पहनकर नृत्य करत खूबसूरत लगत रिहिस। धुन अउ ताल के संग गजब के जुगलबंदी देखे ल मिलगे। बांसुरी के मधुर धुन, नगाड़ा के थाप म मंत्रमुग्ध करके दे वाला नृत्य शैली। ये मध्यप्रदेश म फसल कटाई अउ आने-आने पर्वों के शुभ मउका म करे जाथे। ढोल, नगाड़ा, बांसुरी के अद्भुत सामन्जस्य ले जेन संगीत निकलत हावय वो ह देखइया ल झूमे ल मजबूर कर दीस। मध्यप्रदेश के सागर ले ये टीम पहुंचिस हावय।


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