Home News Contact About
'अंजोर ' छत्तीसगढ़ी मासिक पत्रिका वेब संस्करण ---- anjore.cg@gmail.com

‘दू पईडील सुपोषण बर’ कुपोषण ले मुक्ति बर एक सुघ्घर उदीम


अंजोर.रायपुर। कुपोषण के दानव ल हराये अउ जन-जन ल जागरूक करे के खतिर ‘दू पईडील सुपोषण बर’  के नाम ले अभिनव पहल करे गे हावय। बस्तर जिला म केऊ स्तर म संचालित ये कार्यक्रम म ग्रामीण, जनप्रतिनिधी, स्वयंसेवक ल जोड़त जिला म कुपोषण के स्तर म कमी लाने के प्रयास करे जात हावय। येकर तहत जिला के रमणीय स्थान म सायकल रैली के आयोजन के संग ही एंडवेंचर स्पोर्टस के तहत् रॉक क्लाईबिंग, वॉटर वेप्लिंग, घना जंगल के बीच ऑफरोडिंग, ट्रैकिंग, कैम्पींग के संग बोनफायर के तको आयोजन करे जात हावय।

ये मउका म आदिवासी संस्कृति, स्थानीय व्यंजन के प्रदर्शन करे जाही। जेकर आंगतुक अउ सायकलिस्ट मन लुफ्त उठा सकही ‘दू पईडील सुपोषण बर’  कार्यक्रम म प्रदेश अउ देश-विदेश ले कई सायकल सवार सम्मिलित होही। ये अभियान के उद्देश्य जिला ल कुपोषण ले शत-प्रतिशत मुक्त कराये खतिर कुपोषण अभियान ल जनआंदोलन म बदलना हावय। अभियान के तहत 10 जनवरी ले शुरू होके केऊ आयोजन 17 जनवरी तक चलही। सप्ताह भर चलइया ये कार्यक्रम ल सबो वर्ग के व्यापक जनसमर्थन मिलत हावय। ये कार्यक्रम युवोदय के स्वयं सेवक, मितानिन, आंगनबाडी कार्यकर्ता, पंचायत अउ ग्रामीण विकास विभाग के सहयोग ले आयोजित करे जात हावय। अभियान के अंतिम दिन 17 जनवरी के कुपोषित बच्चा मनके अभिभावक समेत ग्रामवासी तको अपन-अपन ग्राम म सायकल चलाही अउ ग्राम स्तरीय खेल प्रतियोगिता के आयोजन होही।

मिले आरो के मुताबिक कलेक्टर रजत बंसल के मार्गदर्शन म कोलेंग ले लेके ककनार तक चलत कार्यक्रम के तस्वीर कुपोषण ल हराये के सपना संजोने वाला के मन म उत्साह भरत हावय। कार्यक्रम के तहत स्वैच्छिक अनुदान ल बढ़ावा देवत कुपोषित बच्चा मनला चिन्हांकित करके पोषण पुनर्वास केंद्र के माध्यम ले तको लाभान्वित करे जाही। सायकल रैली 17 जनवरी के सुबह 6 बजे ले शुरू होही जेन चित्रकोट ले मेंद्री घुमर-तामड़ा घुमर होत मिचनार तक 45 किमी. तक के दूरी तय करही।

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

जोहार पहुना, मया राखे रहिबे...

किस्सा कहिनी

Contact Us

नाम

ईमेल *

संदेश *

कला-संस्कृति-साहित्य

follow us

T-Twitter | F-Facebook | Y-Youtube | Instagram | Pinterest
महतारी भाखा के उरउती खातिर भारत के समाचार पत्र के पंजीयक कार्यालय नई दिल्ली म पंजीकृत ' अंजोर ' छत्तीसगढ़ी मासिक पत्रिका के anjor.online वेब संस्करण म छत्तीसगढ़ी बुलेटिन, किस्सा-कहानी अउ कला-मनोरंजन संग सोशल मीडिया के चारी, कुछ आन भाखा के अनुवाद समोखे, छत्तीसगढ़ के जन भाखा म जन-जन तक बगराथन। जुड़व ये उदीम - anjore.cg@gmail.com

सियानी गोठ

भारत के समाचारपत्रों के पंजीयक का कार्यालय नई दिल्ली
पंजीकरण संख्या-: CHHCHH/2014/56285