Home News Contact About
'अंजोर ' छत्तीसगढ़ी मासिक पत्रिका वेब संस्करण ---- anjore.cg@gmail.com

आरू साहू के स्वर म रामेश्वर वैष्णव जी के छत्तीसगढ़ी जागरण गीत क्रिएटिव विज़न म रिलीज होते ही वायरल

छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध गीतकार श्री रामेश्वर वैष्णव के गीत आरू साहू के स्वर म - ‘छत्तीसगढ़ ह अब जा‍के हमला छत्तीसगढ़ लागत हे ना’

रायपुर.25। छत्तीसगढ़ के नान्हे लोक गायिका आरू साहू के स्वर म अबतक जतेक भी जुन्ना-जुन्ना गीत सुनेन मन ल गजबे मोह डरिस। चाहे मस्तुरिया जी के गीत होवे या ममता चंद्राकर जी के या फेर कविता वासनिक जी के, सबोच के गीत ल सुघ्घर निभाये हाबे आरू ह। आरू साहू मंच म तको बड़े-बड़े कलाकार मन सहिक शानदार प्रस्तुति देथे। आज छत्तीसगढ़ का, छत्तीसगढ़ के बाहिर तको नान्हे़ लोक कंठ के जोर हाबे। अब तो सरलग यूट्यूब चैनल म तको आरू के वीडियो एलबम रिलीज होते वायरल होवत हाबे। 

सोशल मीडिया ले आरो मिलिस के आजेच क्रिएटिव विज़न चैनल म छत्तीसगढ़ी भाखा के गुनगान करत प्रसिद्ध गीतकार श्री रामेश्वर वैष्णव के लिखे गीत ‘छत्तीसगढ़ ह अब जा‍के हमला छत्तीसगढ़ लागत हे ना...’ रिलीज होइसे। गीतकार वैष्णव जी ह आज छत्तीसगढ़ म छत्तीसगढ़ी के उरउती ले देखत लिखथे - 
छत्तीसगढ़ ह अब जा‍के हमला छत्तीसगढ़ लागत हे ना।
भाखा के खेल तिहार सबो बर छत्तीगढि़या जागत हे ना।।
पढ़े लिखे अउ प्रोफेसर अब छत्तीसगढ़ी फटकारत हे,
कोंदा भैरा तबे कुचले मन अब अपन भाखा म गोहारत हे,
बांटी भौरा गेड़ी बिल्लस दिनों दिन उच्छाह मारत हे,
छत्तीसगढि़या तीज अउ तिहार रंग म अपन रंग डारत हे,
आमा पान के तोरन बनाके घरों-घर म टांगत हे ना।
छत्तीसगढ़ लागत हे ना... 
ये गीत ल आरू साहू अपन चिर‍‍परिचित अंदाज म गाये हाबे अउ संगीत संयोजन हावय विवेक शर्मा के। दिग्विजय वर्मा के सुघ्घर परिकल्पना ले क्रिएटिव विज़न चैलन म जनजन तक पहुंचत हाबे महातारी भाखा छत्तीसगढ़ी के सोर। वइसे तो सोशल मीडिया म आरू के सबो गीत खास हावय अऊ वायरल तको गजब होथे। फेर ये गीत हमर अस्मिता अउ स्वाभिमान के आए तेन पाके छत्तीसगढि़या मन बर बहुत खास मायने रखथे।

watching this video song - 

1 comment:

  1. लाजवाब गीत आदरणीय गुरुदेव वैष्णव जी के हमर मयारु बेटी आरु के सुमधुर सुर संगीत मा सधे पके जागरण गीत...... आहहहहह लाजवाब प्रस्तुति 👌🌷🌷🌷 बहुत बहुत बधाई गुरु जी ल अउ आरु बेटी ल शुभ आशीष 🙌🙌🙌🙌🙌

    ReplyDelete

जोहार पहुना, मया राखे रहिबे...

किस्सा कहिनी

Contact Us

Name

Email *

Message *

कला-संस्कृति-साहित्य

follow us

T-Twitter | F-Facebook | Y-Youtube | Instagram | Pinterest
महतारी भाखा के उरउती खातिर भारत के समाचार पत्र के पंजीयक कार्यालय नई दिल्ली म पंजीकृत ' अंजोर ' छत्तीसगढ़ी मासिक पत्रिका के anjor.online वेब संस्करण म छत्तीसगढ़ी बुलेटिन, किस्सा-कहानी अउ कला-मनोरंजन संग सोशल मीडिया के चारी, कुछ आन भाखा के अनुवाद समोखे, छत्तीसगढ़ के जन भाखा म जन-जन तक बगराथन। जुड़व ये उदीम - anjore.cg@gmail.com

सियानी गोठ