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आदिवासी मनके मुताबिक होही जंगल, जीविकोपार्जन बर लगही अऊ पेड़

आदिवासी अंचल के लोगन मन बर जंगल ही जिनगी के आधार आए, जंगल ले ही आजीविका चलथे। अइसन म जंगल के विकास आदिवासी मनके मुताबिक होए ले उंकर जीविकोपार्जन बने ढंग ले होही। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ह अपन निवास कार्यालय म वन विभाग के कामकाज के समीक्षा बइठक म ये बात ल किहिन। ए पइत प्रदेश म वन विभाग कोति ले पांच करोड़ पौधा लगाये के करार करे गे हाबे। मुख्यमंत्री ह वन संरक्षण खातिर वृक्षारोपण कार्यक्रम के तहत रोपित पौधा मनके देखभाल म विशेष ध्यान देके निर्देश तको दिस।
वन विभाग के बइठका म प्रमुख रूप ले वनमंत्री मोहम्मद अकबर के अलावा मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी अउ प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी संग वन विभाग के सचिव तको उपस्थित रिहिन। बइठका म मुख्यमंत्री भूपेश बघेल किहिन के जेन हितग्राही मनला वन अधिकार पट्टा मिलगे हाबे ओमन ला वृक्षारोपण ले जोड़े जाए, उंकर जमीन म अभियान चलाके महुआ, हर्रा, बहेरा, आंवला, आमा, अमली, चिरौंजी, तीखुर, हरदी, जिमीकांदा जइसन आने-आने किसम के फलदार पौधा लगावे। येकर ले जंगल तको बांचही अउ आमदनी घलो होही। 
राज्य म चालू वर्ष म रायपुर ले जगदलपुर तक 300 किलो मीटर के राष्ट्रीय राजमार्ग के दूनो कोति वृक्षारोपण करे जाए। येकर अलावा 1300 किलोमीटर के राम वन गमन पथ म आमा, बर, पीपर, लीम अउ आंवला उक के फलदार प्रजाति के पौधा लगाये जाए। गौठान मन म तको अभियान चलाके जुलाई म लघु वनोपज के 50 लाख पौधा लगाये जाए। पौधा मनके देखभाल खातिर बांस के ट्री गार्ड ल स्वसहायता समुह ले बनवाए ले समुह मनला आमदानी होही। बइठका म आगू वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर बताइन के तेंदूपाना टोरई के भुगतान सीधा हितग्राही मनके खाता म करे जाही। एसो तेंदूपाना टोरई ले 12 लाख 53 हजार परिवार ल लगभग 649 करोड़ रूपिया मजदूरी मिलही। आगू के बछर म लघु वनोपज मनके ऑनलाइन खरीदी के बेवस्था तको करे जाही।रायपुर.अंजोर.17

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