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कटघरा म कटघोरा, मुस्तैद अउ चौकन्ना

चार दिन पहिली सुकून के खबर आये रिहिसे कोरोना काल म के 10 म 9 ह बने होके घर लहुंटगे। छत्तीसगढ़ के अइसन बुता के जग म जबर गोठ होइस। डॉक्टर संग शासन-प्रशासन के बढ़ई होवे लगगे। ठउके अब दू दिन ले कोरबा जिला के कटघोरा ले दना-दन कोरोना के मरीज आगू आगे। थर खवादिस गउकिन। 

कटघोरा अस अंचल ह अतक संवेदनशील हो सकही कोनो ल आकब नी रिहिसे। पहिली मामला आगू अइस, प्रशासन सावचेत होगे। जानबा होइस के ओमन तो दिल्ली निजामुदृीन ले लहुंटे रिहिसे। माने अऊ कोरोना के केस मिलही। तीसरा चरण के गंभीरता अउ प्रशासन के लॉकडाउन म ढिलई ह मुस्कावत छत्तीसगढ़ ल फेर भयभीत कर दिस। 
आज 13 अप्रेल के छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग कोति ले जारी मीडिया बुलेटिन के मुताबिक 21 मरीज एम्स रायपुर म कोरोना के इलाज करावत हाबे। ये मन कोरबा जिला के कटघोरा के आए। आरो मिले हाबे के प्रशासन डहर ले कटघोरा बर विशेष कक्ष बनाए गे हावय जिहा मार्गदर्शन खातिर विशेष सचिव स्वास्थ्य के अगुवई म एक दल भेजे गे हावय। बुलेटिन म यहू बताये गे हावय के 1 मार्च 2020 के बाद विदेश ले कुल 2376 यात्री आए हाबे। जेमन निगरानी म हावय।  
अब बात कोरबा जिला के करन त अभी इही ह छत्तीसगढ़ के हॉटस्पॉट बने हावय। स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के मुताबिक कुल 23 कोरोना पॉजिटिव म 21 अभी अस्पताल म हावय। कटघोरा के मामला ह लॉकडाउन के सिराती दिन म उभरगे। माने जब ये आदमी मन दिल्ली जमात ले लहुंटिन त संक्रमित रिहिन। लॉकडाउन के पालन नी करिस। हरहिंछा सगा मानिस। अपन संग दूसरो के जान जोखिम म डारिस। जानकार मनके मानन तव कोरोना पॉजिटिव के आंकड़ा बड़हे के डर हावय। लोगन म तो थोरको जीव के डर अउ समझदारी नइये।
लॉगडाउन के शुरूआत देखन तव पुलिस ह जबरदस्त तरीका ले लोगन ल चेचकारत रिहिस। कुछ दिन बाद अइसे लागिस के जादा कड़ाई होगे तव पुलिस मानवता के रद्दा म चलिस। मया ले घर भितराये लगगे। नतिजा का निकलिस के 1 से 21 होगे। इहां कटघरा म प्रशासन के संग कटघोरा के आम जनता तको आथे। अरोसी-परोसी सब ल जानबा रिथे के कोन बाहिर गे रिहिसे अऊ कोन बाहिर के आए हाबे। कानोकान चेताये गे रिहिसे के बाहिर ले अवइया-जवइया मनके खबर देना हाबे। 
सबोच ल सरकार ऊपर छोड़बो कि ओमन खोजही, लेगही। ऊपराहा म दोस घला लगाबो कि काबर नी जाने सके। तव अइसन म नकसान हमरे होही। जेन बीमार हाबे तेन तो जीव देते हाबे संग म आन ल तको तो बीमार बनावत हाबे। का उंकर फर्ज नी रिहिसे के आके सरकार ल जानकारी देतिन। 21 दिन के लॉकडाउन कम नी होवे। हम संभल जाये रितेन। फेर आम जनता समझबे नी करिन मतलब ल। संभले के बखत तभे तक रिही जब हम जान पाबो के कोन ह संक्रमित हाबे अउ कोन बने। दुनिया के केऊ ठी देश म तो हजारो-हजार मउत ले लड़त हाबे। 
झिन बगरन दव। जेन म भी लक्षण दिखे आरो करा। अइसे तको नहीं के कोरोना नाव ले थरथराबो। समझदारी ले। अपन, अपन परिवार के संग आन मनखे के तको चेत करके हम मानवता देखावन। अपन, अपन लोग-लइका अउ पर के लोग-लइका के पेट के तको फिकर करत आव जुरमिल के दुख-सुख बांट लेबोन। दुरिहा-दुरिहा म रहिके। नाक, मुंह तोप के। लड़बो अउ हरोबो कोरोना ल।

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महतारी भाखा के उरउती खातिर भारत के समाचार पत्र के पंजीयक कार्यालय नई दिल्ली म पंजीकृत ' अंजोर ' छत्तीसगढ़ी मासिक पत्रिका के anjor.online वेब संस्करण म छत्तीसगढ़ी बुलेटिन, किस्सा-कहानी अउ कला-मनोरंजन संग सोशल मीडिया के चारी, कुछ आन भाखा के अनुवाद समोखे, छत्तीसगढ़ के जन भाखा म जन-जन तक बगराथन। जुड़व ये उदीम - anjore.cg@gmail.com

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