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राजिम माघी पुन्नी के मेला 19 फरवरी ले 4 मार्च तक



छत्‍तीसगढ़ प्रयाग के नगरी राजिम के तिरबेनी संगम म हरके बच्छर लगइया माघी पुन्‍नी के मेला ऐसो 19 फरवरी ले सुरू होही जेन महाशिरात्रि यानी 4 मार्च तक चलही। जानबा होवय के पाछु 13 बछर ले ये मेला ल सरकार ह पांचवा कुंभ के नाव ले भरत रिहिस हावय जेन म बाहिर-बाहिर ले साधु संत मन ला बलावय। देश के पांचवा कुंभ के कतकोन साधु मन विरोध तको करे तभो ले सरकार के आदेश म कुंभ लगत रिहिसे।
फेर अब के सरकार ह इहां के जुन्‍ना संस्‍कृति के ओखी मड़ावत केहे हावय इहां तइहा ले ही माघी पुन्‍नी के मेला भरावत हावय। जेखर नाव ल बदल के कुंभ अउ कुल्‍प कर देहे रिहिन हावय। ये उचित नइ रिहिस इही पाके अपन संस्‍कृति अउ अस्‍मिता ल धियान म राखत अपन मूल ल बचाये राखना जरूरी हावय इही सेती अब येला फेर राजिम मांघी पुन्‍नी मेला के नाम से जाने जाही।
सरकार कोति ले ये बात ल बतावत प्रदेश के संस्कृति अउ पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू जी ह राजिम म मेला समिति के बइठका म किहिन। राजिम छत्तीसगढ़ के प्रमुख तीर्थ स्थान अउ भगवान राजीव लोचन, कुलेश्वर महादेव के पावन धाम आए। इहां हरेक बछर हमर राज के परंपरा अउ संस्‍कृति के अनुरूप मेला के आयोजन होही। ओमन आगू किहिन के इहां के सांस्‍कृतिक मंच सबले पहिली स्‍थानीय कलाकार मन ल मौका देही, सांस्‍कृतिक कार्यक्रम के संगे-संग लोकखेल के आयोजन तको होही।
श्री साहू जी मन आगू निर्देश देवत किहिन के पर्यावरण ल धियान म राखत सरी मेला के अयोजन करे जाही, नदी म मुरूम के सड़क नइ बने, प्‍लास्‍टिक झिल्‍ली के मनाही रइही, साफ सफाई म विशेष ध्‍यान राखे जाही। ये मउका म वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्र कुमार, अभनपुर विधायक श्री धनेन्द्र साहू अउ राजिम विधायक श्री अमितेश शुक्ल ह तको मेला के संबंध म अपन विचार रखिन।

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