स्वामी अमृतानंद संत कवि पवन दीवान जी के पुन्यतिथि 9 फरवरी, सम्मार के दिन मनाय जाही। ए मउका म उनला श्रद्धा सुमन अरपित करे जाही। स्वामी अमृतानंद (पवन दीवान) सुरता छत्तीसगढ़ ब्रह्मचर्य आश्रम न्यास समिति राजिम के अध्यक्ष संतोष उपाध्याय अउ सचिव अनिल तिवारी संग जम्मो सदस्य मन बताइन कि आश्रम म दीवान जी ला सुरता करे जाही।
श्री राजीव लोचन मंदिर ट्रस्ट के मैनेजर पुरुषोत्तम मिश्रा ह बताइन कि ए बखत चरण पादुका पूजन अउ संस्कृत विद्यापीठ के लइका मन कोति ले मंत्रोचार करे जाही, संगे-संग भोजन प्रसादी घलो बांटे जाही।
छत्तीसगढ़ के 'गांधी' अउ जन-जन के नेता
बता दन कि पवन दीवान जी ला 'छत्तीसगढ़ के गांधी' कहे जाथे। उमन हमर राज के बड़े संत, कवि अउ राजनेता रहिन। छत्तीसगढ़ अलग राज बनाय के आंदोलन म उनखर बड़े भूमिका रिहिस। उमन 'अंबर का आशीष' जइसन सुग्घर रचना रचिन अउ छत्तीसगढ़ी संस्कृति ला आगू बढ़ाइन।
- बड़े पद: डॉ. रमन सिंह के सरकार म उमन 'छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग' के अध्यक्ष रहिन।
- राजनीति: अविभाजित मध्यप्रदेश म जेल मंत्री अउ महासमुंद ले दो बार सांसद घलो रहिन।
- कथा वाचक: जब उमन श्रीमद् भागवत महापुराण के कथा कहंय, त सुने बर मनखे मन के रेला उमड़ जाय।
मनखे मन के मयारू दीवान जी 2 मार्च 2016 के ब्रह्मलीन हो गे रहिन, पर आज घलो उनखर सुरता हमर मन मा बसे हे।


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