राजिम कुंभ कल्प मेला 2026: छत्तीसगढ़ के प्रयागराज म 01 फरवरी ले 15 फरवरी 2026 तक मेला

अंजोर
0
राजिम कुंभ कल्प मेला 2026: छत्तीसगढ़ के प्रयागराज म 01 फरवरी ले 15 फरवरी 2026 तक मेला

राजिम: छत्तीसगढ़ के प्रयागराज कहे जाने वाला राजिम के पावन धरती एक बार फेर आस्था, संस्कृति अउ परम्परा के भव्य महासंगम बर तइयार हे। राजिम कुंभ (कल्प) मेला 2026 के आयोजन 01 फरवरी ले 15 फरवरी 2026 तक करे जाही, जेमा हमर छत्तीसगढ़ के संस्कृति, संस्कार अउ समृद्धि के अद्भुत मेल देखे बर मिलही। महानदी, पैरी अउ सोंढूर नदी के पावन त्रिवेणी संगम म होवइया ये मेला परदेस के धार्मिक पहिचान ला पूरा दुनिया म बगराही।

ए 15 दिन तक चलने वाला उत्सव म देस भर ले आए संतो के अमृत वाणी अउ साधु मन के समागम मुख्य आकर्षण रही। सनातन परम्परा के दिव्य दर्शन करे बर लाखों के संख्या म श्रद्धालु मन राजिम पहुंचही, जहां साही स्नान अउ कल्पवास के जुन्ना परम्परा मन ला निभाए जाही। त्रिवेणी संगम के तट म होय वाला भव्य आरती अउ संतो के प्रवचन ह भक्त मन ला भक्ति अउ आध्यात्म म सराबोर कर दिही।

मेला के बखत छत्तीसगढ़ के लोक कला अउ हमर समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के झलक घलो देखे बर मिलही। सासन-प्रसासन कोती ले श्रद्धालु मन बर खास इंतजाम करे जावत हे, ताकि ओमन ला भगवान श्री राजीव लोचन अउ कुलेश्वर महादेव के दरसन म कोनो तकलीफ झन होवय। ये आयोजन ह सिर्फ धरम-करम के बात नो हे, बल्कि ये हमर परदेस के पर्यटन अउ स्थानीय रोजगार ला घलो एक नवा उड़ान दिही।

01 ले 15 फरवरी तक चलने वाला ये कुंभ कल्प मेला ह भरोसा अउ विस्वास के केंद्र बनी, जहां छत्तीसगढ़ के 'अतिथि देवो भव' के परम्परा साकार होही। राज्य सरकार अउ स्थानीय प्रसासन ह ए भव्य मेला ला सफल बनाए बर पूरी तइयारी म जुटे हें। जम्मों भक्त मन ले अपील करे गे हे कि ओमन ए पावन मउका म राजिम पहुंचके पुण्य लाभ कमावय अउ छत्तीसगढ़ के गौरवशाली सनातन संस्कृति के गवाह बनय।

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

सबो पाठक ल जोहार..,
हमर बेवसाइट म ठेठ छत्तीसगढ़ी के बजाए रइपुरिहा भासा के उपयोग करे हाबन, जेकर ल आन मन तको हमर भाखा ल आसानी ले समझ सके...
छत्तीसगढ़ी म समाचार परोसे के ये उदीम कइसे लागिस, अपन बिचार जरूर लिखव।
महतारी भाखा के सम्मान म- पढ़बो, लिखबो, बोलबो अउ बगराबोन छत्तीसगढ़ी।

एक टिप्पणी भेजें (0)

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Accept !