छत्तीसगढ़ म जब-जब धान घोटाला के बात आथे, तब-तब सबले पहिली गाज बिचारा 'मुसवा' मन ऊपर गिरथे। अइसे लागथे कि हमर प्रदेश के मुसवा मन ह अब सिरिफ बिला म नइ रहय, बल्कि ओमन ह अब बड़े-बड़े 'सोसायटी' अउ 'नान' (NAN) के गोदाम मन के हिसाब-किताब घलो रखे बर सीख गे हें।
मुसवा मन के 'बदनामी'
जब कोनो सोसायटी म हजारों क्विंटल धान कम हो जाथे, त जांच समिति ह बड़े प्रेम ले रिपोर्ट लिखथे— "साहब, धान ल मुसवा मन खा गे!" अब बिचारा मुसवा! ओकर पेट ह कतका बड़े होही? जे ह हजारों बोरा धान ल डकार जाथे? अउ अचम्भा के बात ये हे कि मुसवा मन सिरिफ धान नइ खायं, ओमन ल त प्लास्टिक के बोरा अउ सरकारी रजिस्टर के पन्ना घलो बड़े सुवाद ले चबाय के आदत हे। काबर कि जब हिसाब मांगे बर जाथे, त पता चलथे कि रजिस्टर घलो मुसवा मन कुतर डरे हें। अइसे म मुसवा मन के गजब 'बदनामी' तको होथे।
आधुनिक मुसवा अउ ओकर शौक
आजकल के मुसवा मन ह अउ जादा 'अपडेट' हो गे हें। ओमन अब सिरिफ धान नइ खायं, बल्कि ओमन ल बैंक के चेक, घपला के फाइल अउ कमीशन के नोट मन घलो भावन लगे हे। जतका बड़े घोटाला, ओतके बड़े मुसवा! गजब के बात ये हे कि ये मुसवा मन कभु पिंजरा म नइ फंसय। ओमन बर त 'सोसायटी' ह एक किसम के 'फाइव स्टार होटल' आय, जिहां बिना बिल चुकाय छक के खाव अउ मजा उड़ाव।
असली 'मुसवा' कौन?
असल म, हमर समाज अउ तंत्र म कुछु अइसे 'दो-पैर' वाला मुसवा घुस गे हें, जेमन ल धान के महक ह दूरिहा ले खिंच लेथे। ये मुसवा मन के दांत ह एतका तेज हे कि ओमन गरीब किसान के पसीना ले उपजे धान ल एक रात म कुतर के गायब कर देथे। अउ जब पकड़े के बारी आथे, त असली चार-पैर वाला मुसवा ल 'विलेन' बना के पेश कर दे जाथे।
बिचारा मुसवा ह आज के भ्रष्टाचार के सबले बड़े 'कवर फायर' बन गे हे। मुसवा मन ल घलो अब यूनियन बनाना चाही अउ सरकार ले मांग करना चाही कि- "साहब, हमर पेट के साइज देखव अउ घोटाला के साइज देखव! हमन ल बदनाम करना बंद करव।" पर का करबे, जब तक कोठार म धान हे, तब तक ये 'दो-पैर' वाला मुसवा मन के पेट भरत रही अउ बदनामी सिरिफ बिचारा मुसवा के हिस्सा म आवत रही।


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