जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी : बबा के गोटानी धरे अमित बघेल फूंकिस चुनई के बिगुल

अंजोर
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जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी


अंजोर.ए। गजब दिन ले लोगन ल एक आरूग छत्तीसगढ़ियावादी क्षेत्रिय पार्टी के अगोरा रिहिस। जेन स्वाभिमान अउ अस्मिता ल लेके प्रदेस म लोगन ल जगाये, इही मंशा ल बुता करत छत्तीसगढि़या क्रांति सेना ह अपन राजनीतिक दल के घोसना पाछु दिन ‘पगबंधी जोहार’ म करिस।

पार्टी के नाम ‘जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी’ हावय अउ चुनाव चिन्ह हाबे ‘छड़ी’। अंग्रेजी म वाकिंग स्टीक कहे हावय लेकिन छत्तीसगढ़ी म येहा बबा के 'गोटानी' होही। माने एक सियान के छत्रछाया म पूरा प्रदेस म छत्तीसगढ़ियावाद बर जीव होम बुता करे जाही। सियान मन पार्टी के अध्यक्ष अमित बघेल जी के मुड़ म बागा बांध के उंकरे मुड़ सियानी सौपे हावय। जेन मुताबिक अमित बघेल अउ उंकर संगठन के मुखरता अउ ठेठ अंदाज हावय छत्तीसगढ़ के राजनीति म बड़का उलटफेर के संभावना हाबे।

‘पगबंधी जोहार’ के जलसा म पाछु दिन फुंडहर म पार्टी के प्रदेस अध्यक्ष अमित बघेल ह किहिन के लोगन राष्ट्रीय राजनैतिक दल के रीति-नीति ले त्रस्त होके छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ले आस लगाये रिहिस। काबर के क्रान्ति सेना सरलग छत्तीसगढ़ के जल-जंगल-जमीन बर सड़क म उतरे, केउ जनांदोलन म पुलिस के लउठी अउ जेलयात्रा हमर पूंजी बन चुके हाबे। गैर राजनैतिक रहत हुए भी हमन दोनो राष्ट्रीय पार्टी के गलत नीति के विरोध म आवाज बुलंद करके हमेशा वास्तविक विपक्ष के भूमिका निभायेन। हम एक कैडर आधारित संगठन हन जेकर हजारों पदाधिकारी अउ लाखों सदस्य छत्तीसगढ़ के लगभग हर जिल म सक्रिय होके जनहित के मुद्दा बर जोम देहे हाबे। पाछू दस साल के कड़ा मेहनत ले बनाए सांगठनिक ढांच के कारन पहली चुनाव म हम बाजी जीते म कामयाब होबो।

ये मउका म छत्तीसगढ़िया सियान मन छत्तीसगढ़ के वर्तमान दशा-दिशा म गुनान गोठ करत छत्तीसगढ़ियावादी राजनीति बर ‘जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी’ म अपन भरोसा जतात नवा पार्टी के उज्जवल भविष्य बर शुभकामना दीस। पार्टी महासचिव भूषण साहू ह आगू के कार्यनीति ल बतात किहिन के हम छत्तीसगढ़ विधानसभा के अधिकांश सीट म अपन प्रत्याशी उतारत हन जेकर विधानसभावार सूची अउ पार्टी के घोसना पत्र जल्द ही पत्रकार-वार्ता म साझा करे जाही।

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सबो पाठक ल जोहार..,
हमर बेवसाइट म ठेठ छत्तीसगढ़ी के बजाए रइपुरिहा भासा के उपयोग करे हाबन, जेकर ल आन मन तको हमर भाखा ल आसानी ले समझ सके...
छत्तीसगढ़ी म समाचार परोसे के ये उदीम कइसे लागिस, अपन बिचार जरूर लिखव।
महतारी भाखा के सम्मान म- पढ़बो, लिखबो, बोलबो अउ बगराबोन छत्तीसगढ़ी।

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