अंजोर.रायपुर। सिद्धिगोमा नृत्य पारंपरिक अउ बिहाव अनुष्ठान के मउका म करे जाथे। ए नृत्य म केवल पुरुष कलाकार ही भाग लेत हावयं। मोर पंख अउ कौड़ी ले सजे धजे कपड़ा पहनके सिद्धी आदिवासी मन के हैरतअंगेज प्रस्तुति बरबस ही लोगन के धियान खींच लेत हावय। किहिन के सिद्धि मूलतः अफ्रीका मूल के जनजाति के आय जेला 500 साल पहिली पुर्तगाली ह भारत म बसाये रिहिस। ये जनजाति मुख्यतः कर्नाटक, गोवा अउ गुजरात म निवास करत हावय।
राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव : गुजरात के सिद्धिगोमा जनजाति के कलाकार मन ह पारंपरिक नृत्य के प्रस्तुति ले देखइया ल करिन मंत्रमुग्ध
नवंबर 01, 2022
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अंजोर.रायपुर। सिद्धिगोमा नृत्य पारंपरिक अउ बिहाव अनुष्ठान के मउका म करे जाथे। ए नृत्य म केवल पुरुष कलाकार ही भाग लेत हावयं। मोर पंख अउ कौड़ी ले सजे धजे कपड़ा पहनके सिद्धी आदिवासी मन के हैरतअंगेज प्रस्तुति बरबस ही लोगन के धियान खींच लेत हावय। किहिन के सिद्धि मूलतः अफ्रीका मूल के जनजाति के आय जेला 500 साल पहिली पुर्तगाली ह भारत म बसाये रिहिस। ये जनजाति मुख्यतः कर्नाटक, गोवा अउ गुजरात म निवास करत हावय।
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