अंजोर.रायपुर, छत्तीसगढ़ के स्थापना के बाद अवइया पीढ़ी ह अब तक केवल इहां के ही गेड़ी नृत्य देखे होही फेर राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के मउका म ए पीढ़ी के मध्यप्रदेश के लोकनर्तक डहर ले करे गेड़ी नृत्य तको देखने के सुमउका मिलिस। गेड़ी नृत्य तको ए मामला म खास हे के एमे हमर पंथी नृत्य के रकम ले ही पिरामिड बनात हावयं। लोक नर्तक डहर ले पारंपरिक वाद्ययंत्र ले जब शैला गेड़ी नृत्य के आगाज करे गिस त पूरा सभा म समां बंध गे। जब लोक कलाकार पिरामिड के रूप म उठे त जनसमूह झूम उठा। एमे महिला नर्तक के मुड़ म एक के बाद एक घड़े रिहिस अउ उंकर ऊपर दीपक। ए नृत्य के खातिर जेन संतुलन चाही रिहिस वो अद्भुत संतुलन ये लोक कलाकार म नजर आत रिहिस। बड़का सहजता ले एक के बाद एक लोक कलाकार पिरामिड बनाते गिस अउ देखइया झूमगे। संग ही येकर पोशाक तको खास चटखीले रंग वाला रहिस जेन पूरा नृत्य के आकर्षण। येकर संग ही ये लोककलाकार ह धुरवा नृत्य तको करिन। लोक संगीत अउ नृत्य स्थानीय वाद्ययंत्र के संग जब प्रदर्शित करिस त अद्भुत दृश्य रिहिस अउ लोगन ह एला गजब सहराइन।
राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव : मध्यप्रदेश के शैला गेड़ी नृत्य म हमर पंथी सहिक शानदार प्रस्तुति
नवंबर 02, 2022
0
अंजोर.रायपुर, छत्तीसगढ़ के स्थापना के बाद अवइया पीढ़ी ह अब तक केवल इहां के ही गेड़ी नृत्य देखे होही फेर राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के मउका म ए पीढ़ी के मध्यप्रदेश के लोकनर्तक डहर ले करे गेड़ी नृत्य तको देखने के सुमउका मिलिस। गेड़ी नृत्य तको ए मामला म खास हे के एमे हमर पंथी नृत्य के रकम ले ही पिरामिड बनात हावयं। लोक नर्तक डहर ले पारंपरिक वाद्ययंत्र ले जब शैला गेड़ी नृत्य के आगाज करे गिस त पूरा सभा म समां बंध गे। जब लोक कलाकार पिरामिड के रूप म उठे त जनसमूह झूम उठा। एमे महिला नर्तक के मुड़ म एक के बाद एक घड़े रिहिस अउ उंकर ऊपर दीपक। ए नृत्य के खातिर जेन संतुलन चाही रिहिस वो अद्भुत संतुलन ये लोक कलाकार म नजर आत रिहिस। बड़का सहजता ले एक के बाद एक लोक कलाकार पिरामिड बनाते गिस अउ देखइया झूमगे। संग ही येकर पोशाक तको खास चटखीले रंग वाला रहिस जेन पूरा नृत्य के आकर्षण। येकर संग ही ये लोककलाकार ह धुरवा नृत्य तको करिन। लोक संगीत अउ नृत्य स्थानीय वाद्ययंत्र के संग जब प्रदर्शित करिस त अद्भुत दृश्य रिहिस अउ लोगन ह एला गजब सहराइन।
Tags


सबो पाठक ल जोहार..,
हमर बेवसाइट म ठेठ छत्तीसगढ़ी के बजाए रइपुरिहा भासा के उपयोग करे हाबन, जेकर ल आन मन तको हमर भाखा ल आसानी ले समझ सके...
छत्तीसगढ़ी म समाचार परोसे के ये उदीम कइसे लागिस, अपन बिचार जरूर लिखव।
महतारी भाखा के सम्मान म- पढ़बो, लिखबो, बोलबो अउ बगराबोन छत्तीसगढ़ी।